रोजर फेडरर और राफेल नडाल

विचार-रिपोर्ट | खेल

क्या 2019 में रोजर फेडरर, राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच का टेनिस पर दबदबा खत्म हो सकता है?

रोजर फेडरर, राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच के बारे में यह सवाल ऑस्ट्रेलियन ओपन के प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले के बाद से उठ रहा है

ब्यूरो | 23 जनवरी 2019 | फोटो : टेनिस वर्ल्ड यूएस डॉट ओआरजी

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टेनिस की दुनिया पर पिछले लगभग एक दशक से रोजर फेडरर, राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच की तिकड़ी का दबदबा कायम है. इस तिकड़ी के बीच में कभी-कभी आकर एंडी मरे इसे चतुष्कोणीय बनाते रहे. लेकिन, मोटे तौर पर टेनिस की दुनिया इन तीनों के बीच ही नज़र आई. पर 2019 की शुरुआत में यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या यह साल टेनिस कोर्ट पर फेडरर, नडाल और जोकोविच का दबदबा खत्म होने का भी साल होगा. यह सवाल उठा है ऑस्ट्रेलियन ओपन के प्री-क्वार्टर फाइनल के बाद से. इसमें टेनिस की दुनिया के सबसे बड़े सितारे रोजर फेडरर को एक लंबे मुकाबले में ग्रीस के स्टेफानो स्तीपास ने हरा दिया था.

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ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स में ऐसे उलटफेर होते रहते हैं. लेकिन टेनिस जगत के दिग्गज रोजर फेडरर की इस हार को कुछ अलग तरीके से देख रहे हैं. महज 20 साल के स्तीपास से उनकी यह हार इतिहास को दोहराने जैसी भी है. 18 साल पहले विंबलडन के एक ऐसे ही मुकाबले में फेडरर ने तबके दिग्गज खिलाड़ी पीट सम्प्रास को हराया था. वे उस जीत के साथ उभरे और ग्रैंड स्लैम की दुनिया के बादशाह बन गये. इसके कुछ समय बाद रोजर फेडरर को राफेल नडाल ने चुनौती दी. और उसके कुछ वक्त बाद नोवाक जोकोविच ने इस मुकाबले को त्रिकोणीय कर दिया.

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रोजर फेडरर, राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच की तिकड़ी का टेनिस पर किस कदर दबदबा रहा, इसका अंदाज़ा कुछ आंकड़े देते हैं. 2003 के बाद हुए 62 ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में से 51 इन्हीं तीनों ने जीते हैं. इनमें से 20 रोजर फेडरर ने, 17 राफेल नडाल ने और 14 नोवाक जोकोविच की झोली में गये.

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स्तीपास के हाथों रोजर फेडरर की हार के बाद टेनिस के महान दिग्गज जॉन मैकनरो का कहना था कि यह ‘चेंज ऑफ गॉर्ड’ का वक़्त है. उनके ऐसा कहने की ठोस वजह है. फेडरर अब 37 साल के हैं और स्तीपास के साथ मैच में यह दिखा भी कि उम्र उन पर हावी हो रही है. उनके अलावा रफाल नडाल और जोकोविच भी 30 से ऊपर हैं.

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हालांकि यह दिग्गज तिकड़ी आसानी से इस बात को स्वीकार नहीं करती दिखती. रफाल नडाल ने पिछले साल इस तिकड़ी के दबदबे पर कहा था, ‘या तो हम तीनों विशेष खिलाड़ी हैं या आने वाले खिलाड़ी उतने अच्छे नहीं हैं.’ फेडरर से भी जब उनकी ताजा हार पर आए मैकनरो के बयान के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि यह बात हर साल दोहराई जाती है.

सत्याग्रह के इस आलेख पर आधारित

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