नेशनल तौहीद जमात संस्थापक अबु उबैदा

विचार-रिपोर्ट | विदेश

श्रीलंका में आईएस की शाखा के रूप में देखा जा रहा संगठन ‘नेशनल तौहीद जमात’ क्या है?

श्रीलंका में हुए आतंकी हमले से जिस 'नेशनल तौहीद जमात' का नाम जुड़ रहा है वह पहली बार साल 2014 में चर्चा में आया था

ब्यूरो | 26 अप्रैल 2019 | फोटो : ट्विटर

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श्रीलंका में बीते रविवार को कई बम धमाके हुए थे. अब आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने इनकी जिम्मेदारी ली है. श्रीलंका की सरकार का मानना है कि ये धमाके कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन नेशनल तौहीद जमात यानी एनटीजे ने आईएस की मदद से किये थे. नेशनल तौहीद जमात श्रीलंका के पूर्वी प्रांत में ज्यादा सक्रिय है और इसे कट्टरपंथ और वहाबी विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए जाना जाता है. पिछले कुछ महीनों के दौरान श्रीलंकाई ख़ुफ़िया एजेंसियां कई बार एनटीजे द्वारा हमले किए जाने का अलर्ट जारी कर चुकी हैं.

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2014 में एनटीजे का गठन मौलवी और इस्लामिक उपदेशक ज़हरान हाशिम ने किया था. इसके कुछ महीने बाद यह संगठन तब चर्चा में आया था, जब इसके सचिव अब्दुल राजिक ने बहुसंख्यक सिंघली समुदाय के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिया था. राजिक को अपने आपत्तिजनक बयानों के लिए 2016 में गिरफ्तार भी किया गया था. इस संगठन ने पिछले साल श्रीलंका के कई बौद्ध मंदिरों में तोड़फोड़ भी की थी. इसके बाद यहां के कई इलाकों में सिंघली और मुस्लिम समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया था.

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श्रीलंका की सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक एनटीजे का आईएस से गहरा जुड़ाव है और आईएस एनटीजे को अपनी श्रीलंकाई शाखा के तौर पर देखता है. साल 2014 में तत्कालीन श्रीलंकाई रक्षा मंत्री ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि खुफिया जानकारी के मुताबिक एनटीजे के तार आईएस से जुड़े हुए हैं.

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बीते मंगलवार को आईएस की ओर से श्रीलंका में हमला करने वाले आत्मघाती हमलावरों की जो तस्वीरें जारी की गयी हैं, उनमें एक हमलावर का नाम अबु उबैदा है. श्रीलंकाई मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अबु उबैदा का असली नाम ज़हरान हाशिम है. वही जो एनटीजे का संस्थापक और उपदेशक है. ज़हरान के गांव के लोगों का कहना है कि वह करीब दो साल पहले देश से बाहर गया था. माना जा रहा है कि इसी दौरान वह आईएस के संपर्क में आया.

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श्रीलंकाई समाचार पत्र संडे टाइम्स ने यह भी बताया है कि भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों ने श्रीलंका सरकार को सूचना दी है कि ज़हरान हाशिम की मौत के बाद अब उसका भाई नौफर मौलवी एनटीजे की कमान संभालने के लिए कतर से श्रीलंका वापस आ चुका है. उसकी टीम जल्द ही श्रीलंका में और हमले कर सकती है.

  • अमित शाह, भाजपा

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