प्रियंका गांधी

विचार-रिपोर्ट | राजनीति

प्रियंका गांधी के वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने की संभावना कितनी है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 अप्रैल को बनारस से अपना नामांकन भरने वाले हैं. माना जा रहा है कि प्रियंका गांधी की उम्मीदवारी पर अंतिम फैसला उसके बाद ही होगा

ब्यूरो | 24 अप्रैल 2019 | फोटो : कांग्रेस/फेसबुक

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प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाए जाने के बाद से ही इस तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं थीं कि वे बनारस से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ सकती हैं. प्रियंका खुद भी कई मौकों पर ऐसे बयान दे चुकी हैं जिनसे इन अटकलों को हवा मिली है. बीते रविवार को ही उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उन्हें बनारस से चुनाव में उतरने को कहेंगे तो वे इसके लिए तैयार हैं.

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पिछले दिनों बनारस और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी राहुल गांधी से यह मांग की है कि प्रियंका गांधी को बनारस से चुनाव लड़ाया जाए. पार्टी के भीतर भी नेताओं का एक धड़ा है जिसका यह मानना है कि प्रियंका गांधी का बनारस से चुनावी मैदान में उतरना करीब-करीब पक्का है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 अप्रैल को बनारस से अपना नामांकन भरने वाले हैं और कांग्रेस में इस तरह की सोच रखने वालों का मानना है कि प्रियंका गांधी की उम्मीदवारी उसके बाद ही तय होगी.

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दूसरी तरफ कांग्रेस में एक वर्ग ऐसा भी है जिसका मानना है कि प्रियंका गांधी के चुनाव नहीं लड़ने की संभावनाएं चुनाव लड़ने से ज्यादा हैं. कांग्रेस के अनुभवी राष्ट्रीय नेताओं के इस वर्ग का मानना है कि इतनी जल्दी प्रियंका गांधी को चुनावी मैदान में झोंक देना ठीक नहीं है.

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भीतरखाने पार्टी के लोग यह भी कह रहे हैं कि अगर प्रियंका चुनाव मैदान में उतरती हैं तो पूरा राजनीतिक विमर्श नरेंद्र मोदी बनाम प्रियंका गांधी की दिशा में चला जाएगा. ऐसा कहने वालों के साथ-साथ राजनीति के जानकार भी यह मानते है कि अगर ऐसा हुआ तो राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर उठते रहने वाले सवाल बरकरार रहेंगे.

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बनारस की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रखने वाले राजनीतिक पत्रकारों का कहना है कि कांग्रेस अंदर ही अंदर इसके लिए तैयारी कर रही है कि अगर प्रियंका गांधी को उतारने का निर्णय हो तो इसके लिए सारी व्यवस्था पहले से ही मौजूद हो. इनका दावा है कि प्रियंका गांधी की टीम के कुछ लोग उनकी उम्मीदवारी के लिहाज से व्यवस्था करना शुरू कर चुके हैं.

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