भारतीय अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला

विचार-रिपोर्ट | आज का कल

16 जनवरी को घटी पांच प्रमुख घटनाएं

कल्पना चावला | रोमन कैथोलिक मत | ब्रिटेन | हबल स्पेस टेलिस्कोप | गुरु हर राय

ब्यूरो | 16 जनवरी 2019 | फोटो: www.nasa.gov

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16 जनवरी, 2003 को भारतीय मूल की कल्पना चावला दूसरी अंतरिक्ष यात्रा पर रवाना हुईं थीं. इसी मिशन से वापस आते समय 1 फरवरी, 2003 को उनका स्पेश शटल कोलंबिया धरती पर पहुंचने के पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया और छह अन्य साथियों सहित कल्पना चावला की मौत हो गई थी. दोनों अंतरिक्ष यात्राओं को मिलाकर चावला ने कुल 30 दिन, 14 घंटे 54 दिन अंतरिक्ष में बिताए थे.

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16 जनवरी, 1581 को ब्रिटिश संसद ने रोमन कैथोलिक मत को गैर-कानूनी घोषित किया. रोमन कैथोलिक चर्च ने एंग्लिकॉन डॉक्टराइन को मानने से इंकार कर दिया था जबकि ब्रिटिश शासन इसी के हिसाब से चलता था. एंग्लिकॉन डॉक्टराइन, रोमन कैथोलिक की तरह ही ईसाई धर्म की एक शाखा है.

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16 जनवरी, 1992 को भारत एवं ब्रिटेन के बीच प्रत्यर्पण संधि हुई थी. ब्रिटेन सहित कुल पचास देशों के साथ भारत यह संधि कर चुका है.

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16 जनवरी, 1996 को हबल अंतरिक्ष दूरबीन के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में 100 से अधिक नई आकाशगंगाओं को खोज निकालने का दावा किया. हबल स्पेस टेलिस्कोप का नाम वैज्ञानिक एडविन हबल के नाम पर रखा गया है.

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16 जनवरी,1630 को सिखों के सातवें गुरु गुरु हर राय का जन्म पंजाब में हुआ था. उन्हें एक महान आध्यात्मिक व राष्ट्रवादी पुरुष के रूप में जाना जाता है. वे सिखों के छठवें गुरु, गुरु हरगोबिंद के पुत्र बाबा गुरदिता जी के छोटे बेटे थे. कहते हैं गुरु हरराय ने अपने दादा के सिख योद्धाओं के दल को पुनर्गठित किया था.

  • ममता बनर्जी

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