ज्योतिरादित्य सिंधिया

विचार-रिपोर्ट | राजनीति

ज्योतिरादित्य सिंधिया गांधी परिवार के बाद कांग्रेस के सबसे ताकतवर नेता कैसे बन गए?

गांधी परिवार से बाहर अहमद पटेल को कांग्रेस का सबसे ताकतवर नेता माना जाता था, लेकिन अब ज्योतिरादित्य सिंधिया उनकी जगह ले चुके हैं

ब्यूरो | 24 फरवरी 2019 | फोटो : ज्योतिरादित्य सिंधिया / ट्विटर

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पिछले दिनों ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बना दिया. पूर्वी उत्तर प्रदेश का जिम्मा प्रियंका गांधी को दिया गया है. कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम कांग्रेस के टॉप टेन नेताओं में सबसे आखिर में आता था. लेकिन अब अचानक यह सूची बदल गई है. कल तक गांधी परिवार से बाहर अहमद पटेल को सबसे ताकतवर कांग्रेसी नेता माना जाती था. लेकिन अब उनकी जगह ज्योतिरादित्य सिंधिया काबिज हो चुके हैं.

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प्रियंका गांधी के वॉर रूम में काम करने वाले एक सूत्र बताते हैं कि ये प्रियंका गांधी की ही जिद थी कि उन्हें हर वक्त ज्योतिरादित्य सिंधिया के बराबर ही समझा जाए. वो एक वंशवादी नेता नहीं दिखना चाहतीं. इसीलिए जब राहुल गांधी का कमरा प्रियंका गांधी को दिया गया तो उन्होंने उस कमरे के बाहर सिंधिया के नाम की पट्टी भी लगवा दी.

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ज्योतिरादित्य सिंधिया पर गांधी परिवार को इतना भरोसा क्यों है इसे समझने के लिए पिछले दिनों हुए पांच राज्यों के चुनावों के बाद क्या हुआ इसे जानना जरूरी है. उस वक्त सचिन पायलट अशोक गहलोत के पक्ष में मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने के लिए तैयार ही नहीं हो रहे थे. वे पार्टी को याद दिला रहे थे कि राजस्थान भेजते वक्त उन्हें राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया गया था.

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लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के लिए गांधी परिवार पर किसी भी तरह का दबाव नहीं डाला. इस दौरान उन्होंने जिस तरह से अपने समर्थकों को शांत करवाया वो गांधी परिवार को पसंद आ गया. इसके बाद ही से वे गांधी परिवार की गुड बुक में हैं. लेकिन जानकार बताते हैं कि उनकी राह अभी इतनी आसान भी नहीं हुई है. सिंधिया के बढ़ते कद से दुखी कुछ कांग्रेसी नेता ही गुना से उन्हें हराने की तैयारी में जुट गए हैं.

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2014 में सिंधिया गुना से ही करीब एक लाख इक्कीस हजार वोटों से चुनाव जीते थे. लेकिन इस बार वे उत्तर प्रदेश में व्यस्त रहेंगे. और उनका ध्यान बंटाने के लिए भाजपा भी गुना से किसी हेवीवेट को मैदान में उतार सकती है. ऐसे में गुना से इस बार उनकी पत्नी प्रियदर्शिनी राजे चुनाव लड़ सकती हैं. अगर ऐसा हुआ तो सिंधिया कांग्रेस को उत्तर प्रदेश का चुनाव लड़वाएंगे और उनकी पत्नी मध्य प्रदेश से चुनाव लड़ेंगी. इसके बाद अगर चुनाव जीत गईं तो प्रियदर्शिनी लोक सभा में जाएंगी और ज्योतिरादित्य राज्यसभा में.

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