बेंजामिन नेतन्याहू

विचार-रिपोर्ट | विदेश

इजरायल : क्यों भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे बेंजामिन नेतन्याहू का फिर सत्ता में आना लगभग तय है

बेंजामिन नेतन्याहू लगातार दस साल से इजरायल के प्रधानमंत्री बने हुए हैं

अभय शर्मा | 09 अप्रैल 2019 | फोटो : इजरायल पीएमओ

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इजरायल के मतदाता आज अपना अगला प्रधानमंत्री चुनने के लिए मतदान कर रहे हैं. इस चुनाव में हर किसी की नजरें लगातार तीन बार से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर लगी हैं. वे कई तरह की मुश्किलों में घिरे हुए हैं. एक तो भ्रष्टाचार के मामलों में उनके खिलाफ मुकदमा चलाए जाने की अनुमति दी जा चुकी है. दूसरा इस चुनाव में उनकी ‘लिकुड पार्टी’ के सामने एक बड़ी चुनौती मुख्य विपक्षी नेता बेनी गांट्ज़ भी हैं.

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बीते साल ही राजनीति में आए बेनी गांट्ज़ इजरायली सेना के पूर्व प्रमुख हैं. फरवरी में हुए एक सर्वे में गांट्ज़ के गठबंधन को नेतन्याहू की लिकुड पार्टी से काफी आगे दिखाया गया था. लेकिन, हालिया सर्वेक्षणों में दोनों को संसद की 120 में से 28-28 सीटें मिलती दिखाई जा रही हैं. ऐसी हालत में बेंजामिन नेतन्याहू का फिर से प्रधानमंत्री बनना तय माना जा रहा है.

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इजरायल में वोटर प्रत्याशियों की जगह पार्टी को चुनता है. और पार्टी को मिले मत प्रतिशत के अनुपात में उसे संसद की सीटें आवंटित की जाती हैं. इजरायल की इस चुनावी प्रक्रिया के चलते बीते 70 सालों में कोई भी पार्टी यहां पूर्ण बहुमत नहीं पा सकी है. इजरायल के चुनाव में हमेशा की तरह इस बार भी दक्षिणपंथी विचारधारा की पार्टियों की संख्या ज्यादा है, इसलिए माना जा रहा है कि बेंजामिन नेतन्याहू इनके समर्थन से फिर से अपनी सरकार बना लेंगे.

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जानकार बताते हैं कि इसी वजह से बेंजामिन नेतन्याहू अपना पूरा ध्यान राष्ट्रवाद, दक्षिणपंथ और फिलस्तीन विरोध पर केंद्रित करने पर लगाते रहे. उन्होंने एक ऐसी कट्टरपंथी यहूदी पार्टी ज्यूइश पावर को अपने गठबंधन में शामिल कर लिया जिसके नेताओं पर अमेरिका तक ने प्रतिबंध लगा रखा है. इसके अलावा नेतन्याहू की मांग को मानते हुए हाल ही में अमेरिका ने ‘गोलान हाइट्स’ क्षेत्र को इजरायल के इलाक़े के रूप में मान्यता दी है.

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बीते हफ्ते रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी घोषणा की कि रूसी सैनिकों ने एक चर्चित इजरायली सैनिक ज़ाचरी बॉमेल के अवशेष सीरिया में खोज लिए हैं. उनके मुताबिक ऐसा नेतन्याहू के कहने पर किया गया. हालिया सर्वेक्षणों की मानें तो बेंजामिन नेतन्याहू को इन सभी बातों का चुनाव में बड़ा फायदा मिलने वाला है.

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