डोनाल्ड ट्रंप

विचार-रिपोर्ट | विदेश

ट्विटर ने डोनाल्ड ट्रंप को अब जाकर हमेशा के लिए बैन क्यों किया है?

और डोनाल्ड ट्रंप अब ऐसा क्या कर सकते हैं कि करीब नौ करोड़ फॉलोअर्स वाला उनका ट्विटर अकाउंट उन्हें वापस मिल जाए?

ब्यूरो | 10 जनवरी 2021 | फोटो : डोनाल्ड ट्रंप / सोशल मीडिया

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एक असाधारण कदम उठाते हुए ट्विटर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का निजी अकाउंट स्थाई रूप से निलंबित कर दिया है. इसका मतलब यह है कि डोनाल्ड ट्रंप का ट्विटर अकाउंट अब न केवल इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं होगा बल्कि अब वे इस पर कोई दूसरा अकाउंट भी नहीं बना सकेंगे. ट्विटर ने अपने ब्लॉग पर एक बयान जारी कर कहा है कि यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति के हालिया ट्वीट्स की समीक्षा के बाद उठाया गया है. इस बयान के मुताबिक उनके इस अकाउंट से आगे भी हिंसा भड़काए जाने का खतरा था. छह जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने अमेरिकी संसद में घुसकर काफी उत्पात मचाया था. इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी. उस समय भी ट्रंप का ट्विटर अकाउंट कुछ समय के लिए सस्पेंड किया गया था. उसे अगले दिन तभी बहाल किया गया जब उन्होंने अपने कई भड़काऊ ट्वीट डिलीट कर दिये. फेसबुक और इंस्टाग्राम पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति के अकाउंट्स को कम से कम दो सप्ताह के लिए ब्लॉक कर चुके हैं.

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अमेरिकी संसद में हुई हिंसा के बाद आठ जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप ने एक ट्वीट किया था. इसमें उन्होंने लिखा था कि ‘जिन साढ़े सात करोड़ अमेरिकी देशभक्तों ने मुझे, अमेरिका फर्स्ट और मेक अमेरिका ग्रेट अगेन की मेरी नीति को वोट दिया, उनकी आवाज भविष्य में भी लंबे समय तक बड़े पैमाने पर गूंजती रहेगी. उनके साथ किसी भी तरह से असम्मान या गलत बर्ताव नहीं होगा!!!’ इसके तुरंत बाद उन्होंने एक और ट्वीट किया – ‘जिन्होंने मुझसे पूछा है उन्हें बता दूं. मैं 20 जनवरी को (नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण के लिए) होने वाले समारोह में नहीं रहूंगा.’ ट्विटर के मुताबिक ये ट्वीट हिंसा को बढ़ावा देने से जुड़ी उसकी नीति के खिलाफ हैं और इसलिए डोनाल्ड ट्रंप का अकाउंट स्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है.

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ट्विटर का मानना है कि 20 जनवरी के समारोह में न जाने के डोनाल्ड ट्रंप के बयान को उनके कई समर्थक फिर से इस बात की पुष्टि की तरह देख रहे हैं कि राष्ट्रपति चुनाव सही तरीके से नहीं हुआ. कंपनी के अनुसार यह कहकर ट्रंप ने एक तरह से अपने उस बयान से किनारा कर लिया है जो उन्होंने अपने चीफ ऑफ डेप्युटी स्टाफ डैन स्कैविनो के जरिये दिया था. इसमें कहा गया था कि 20 जनवरी को सत्ता का हस्तांतरण व्यवस्थित तरीके से होगा. उसका यह भी कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप का यह ट्वीट उनके समर्थकों को हिंसा के लिए इसलिए भी उकसा सकता है क्योंकि 20 जनवरी के शपथ ग्रहण समारोह में ट्रंप नहीं होंगे.

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ट्विटर का यह भी कहना है कि अपने कुछ समर्थकों के लिए डोनाल्ड ट्रंप का अमेरिकी देशभक्त शब्द इस्तेमाल करने का मतलब यह भी माना जा रहा है कि वे अमेरिकी संसद में हिंसा करने वालों का समर्थन करते हैं. ट्विटर ने अपने बयान में यह भी लिखा है कि डोनाल्ड ट्रंप समर्थकों द्वारा ट्विटर और उसके इतर और भी हिंसक विरोध प्रदर्शन की योजनाएं बनाई जा रही हैं जिनमें 17 जनवरी को अमेरिकी संसद और विभिन्य राज्यों की विधायिकाओं पर फिर से धावा बोलने की योजना शामिल है. कंपनी ने अपने बयान में कहा है, ‘हमें पूरा यकीन है कि जिन दो ट्वीट्स का जिक्र ऊपर हुआ है वे दूसरों को भी उसी तरह की हिंसा के लिए उकसा सकते हैं जो छह जनवरी 2021 को हुई और इसके कई संकेत हैं कि इन ट्वीट्स को इसके लिए प्रोत्साहन की तरह लिया जा रहा है.’

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डोनाल्ड ट्रंप के ट्विटर पर लौटने की संभावनाएं अब निकट भविष्य में काफी कम हैं. कंपनी की नीति इस बारे में यह कहती है कि स्थाई निलंबन के खिलाफ तब अपील की जा सकती है जब बैन किये गये अकाउंट के मालिक को यह लगता हो कि कंपनी से कोई भूल हुई है. इसके बाद भी अगर ट्विटर को लगे कि लगाया गया बैन सही है तो वह जवाब में उस नीति से जुड़ी जानकारी साझा करेगा जिसके आधार पर बैन लगाया गया है. डोनाल्ड ट्रंप के मामले मैं ट्विटर प्रतिबंध से जुड़ी जानकारी पहले ही सार्वजनिक कर चुका है. इस मामले में कंपनी कितनी कड़ाई बरत रही है यह इस बात से भी समझा जा सकता है कि उसने और भी कई ऐसे अकाउंट्स को स्थायी तौर पर बैन कर दिया है जिनका डोनाल्ड ट्रंप के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही थी. इनमें टीम ट्रंप नाम का एक अकाउंट भी शामिल है. ट्रंप ने अपनी बात रखने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट का इस्तेमाल करने की भी कोशिश की लेकिन उनके ट्वीट्स को तुरंत ही वहां से हटा दिया गया.

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