चेरनोबिल परमाणु दुर्घटना

विचार-रिपोर्ट | आज का कल

सोवियत संघ के चेरनोबिल में परमाणु विकिरण की बात कबूलने सहित 28 अप्रैल को घटी पांच प्रमुख घटनाएं

परमाणु दुर्घटना | इसरो | ऑस्ट्रेलिया | क्रिकेट विश्व कप | सद्दाम हुसैन

ब्यूरो | 28 अप्रैल 2019 | फोटो : phys.org

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28 अप्रैल, 1986 को सोवियत संघ ने यह स्वीकार किया कि दो दिन पहले यूक्रेन के चेरनोबिल में परमाणु विकिरण हुआ था. यह दुर्घटना मानव इतिहास की सबसे बड़ी परमाणु दुर्घटना मानी जाती है. इस दौरान इतने रेडियोधर्मी पदार्थ वातावरण में मुक्त हुए जितने की किसी परमाणु बम के विस्फोट के दौरान होते है. ये रेडियोधर्मी पदार्थ दक्षिणी सोवियत यूनियन और यूरोपियन देशों के वातावरण में मिल गए जिससे जान और माल का काफी नुकसान हुआ, जो आज भी जारी है.

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28 अप्रैल, 2008 को भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो) ने पीएसएलवी-सी9 के प्रक्षेपण के साथ एक नया इतिहास रचा. श्रीहरिकोटा से छोड़ा गया यह प्रक्षेपण यान अपने साथ 10 उपग्रह लेकर गया. 230 टन वज़न वाला पोलर सेटेलाइट लॉन्च वीहकल (पीएसएलवी-सी9) कुल 824 किलो भार लेकर गया था.

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28 अप्रैल, 1996 को ऑस्ट्रेलिया में एक बंदूकधारी मार्टिन ब्रायंट ने तस्मानिया के पोर्ट आर्थर इलाके में गोलियां बरसाकर 35 लोगों की जान ले ली. इसे उस समय देश के इतिहास में गोलीबारी की भीषणतम घटना बताया गया. इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने शस्त्र नियमों को कड़ा किया.

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28 अप्रैल, 2007 को श्रीलंका को हराकर ऑस्ट्रेलिया चौथी बार वनडे विश्व क्रिकेट चैंपियन बना. इस विश्व कप की मेजबानी वेस्टइंडीज ने की थी. इसमें भारत का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा था और भारतीय क्रिकेट टीम पहले ही दौर में बाहर हो गई थी.

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28 अप्रैल, 1937 को इराक के तानाशाह सद्दाम हुसैन का जन्म हुआ था. सद्दाम हुसैन को दुनिया के सबसे क्रूर तानाशाहों में गिना जाता है. उसने अपने शासन में हजारों कुर्द, शिया और तुर्क मुसलमानों को मौत के घाट उतरवा दिया था. एक शासक के तौर पर उसका जीवन जितना राजसी और भव्य रहा, उसके जीवन का अंतिम समय और उसकी मौत उतनी ही दुखद और त्रासद रही.

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