चंद्रबाबू नायडू

विचार-रिपोर्ट | राजनीति

क्या जल्दी ही चंद्रबाबू नायडू चौतरफा मुश्किलों में घिरने वाले हैं?

ऐसा माना जा रहा है कि जगन मोहन रेड्डी के आंध्रप्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ भ्रष्टाचार सहित कई और मामलों की जांच शुरू हो सकती है

ब्यूरो | 06 जून 2019 | फोटो: ट्विटर-चंद्रबाबू नायडू

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बीते मार्च महीने की ही बात है. आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्‌डी के छोटे भाई वाईएस विवेकानंद रेड्‌डी अपने घर में मृत पाए गए थे. रेड्डी राज्य के पूर्व मंत्री भी थे. उनके निधन के बाद वाईएसआर कांग्रेस के प्रमुख जगन मोहन रेड्‌डी ने सीधे तौर पर टीडीपी पर आरोप लगाए थे. उनका कहना था कि जब उनके दादा वाईएस राजा रेड्‌डी की हत्या हुई थी और खुद उन पर जानलेवा हमला हुआ था तब भी टीडीपी ही सत्ता में थी. और जब यह हत्या हुई तब भी वही सत्ता में है.

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अपने चाचा की मृत्यु के बाद जगनमोहन रेड्डी का ये भी कहना था कि उनके पिता ‘राजशेखर रेड्‌डी की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत होने से दो दिन पहले टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने उनसे कहा था कि आप लौट नहीं पाएंगे. उस वक़्त नायडू का यह बयान अख़बारों में बड़े-बड़े अक्षरों में छपा था.’

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चंद्रबाबू नायडू पर इस तरह के संगीन आरोप लगाने वाले जगनमोहन रेड्डी अब आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बन चुके हैं. ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या अब चंद्रबाबू नायडू कई तरह की मुश्किलों में फंस सकते हैं? इस सवाल का ज़वाब काफी-कुछ हां में हो सकता है और इसकी दो-तीन वज़हें हैं.

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इनमें से पहली वजह तो यही कि दक्षिण के राज्यों में सियासत को अक़्सर निजी दुश्मनी की तरह किए जाने के तमाम उदाहरण मौज़ूद हैं. दूसरा, एनडीए छोड़ने के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी से भी चंद्रबाबू नायडू के संबंध सामान्य नहीं हैं. वे इस दौरान मोदी के खिलाफ विभिन्न दलों को एकजुट करने की कोशिशें करते रहे थे. और तीसरा, ये माना जाता है कि जगन मोहन रेड्डी के भाजपा और मोदी सरकार के साथ काफी अच्छे संबंध हैं.

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ऐसे में अगर ये कहा जाए कि आने वाले दिन चंद्रबाबू नायडू के लिए दोतरफा मुश्किलें ला सकते हैं तो कोई बड़ी बात नहीं होगी. उनके ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के मामलों में जांच तेज हो सकती है. साथ ही जगन मोहन के परिवार के सदस्यों की कथित हत्याओं की जांच से भी उनकी परेशानियां बढ़ सकती हैं.

  • ममता बनर्जी

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