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महिला सैन्य अधिकारियों के लिए बड़े फैसले सहित आज के अखबारों की पांच बड़ी खबरें

द टाइम्स ऑफ इंडिया | द हिंदू | नवभारत टाइम्स | अमर उजाला | हिंदुस्तान

ब्यूरो | 06 मार्च 2019 | फोटो: यूट्यूब

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पुलवामा हमले में शहीद जवानों की पत्नियों ने सरकार से बालाकोट एयर स्ट्राइक के सबूत मांगे

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद जवान राम वकील की पत्नी ने भारत सरकार से पाकिस्तान के बालाकोट में की गई एयर स्ट्राइक का ब्यौरा मांगा है. द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के शामली की रहने वाली गीता देवी ने कहा, ‘पुलवामा हमले के सबूत के रूप में हमें हमारे जवानों की लाशें मिली थीं. लेकिन पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक को लेकर इस तरह का कोई सबूत नहीं है.’ वहीं, राम वकील की बहन ने भी कहा है कि लोगों को यह जानने की जरूरत है कि आखिर बालाकोट में हुआ क्या था. उन्होंने कहा, ‘यदि यह दावा किया जा रहा है कि 300 लोग मारे गए थे तो कुछ सबूत पेश किए जाने चाहिए. हमें कैसे विश्वास होगा कि एयर स्ट्राइक हुआ था और आतंकी मारे गए?’ इसके अलावा शहीद की बहन ने इस दावे के फर्जी होने की भी संभावना जताई. इससे पहले एक अन्य शहीद प्रदीप कुमार की पत्नी ने भी बालाकोट को लेकर सरकार के दावे से संतुष्ट न होने की बात कही थी.

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त्रिपुरा : भाजपा की सहयोगी पार्टी ने आम चुनाव में अकेले लड़ने का फैसला लिया

गठबंधन को लेकर त्रिपुरा में सत्ताधारी भाजपा को बड़ा झटका लगा है. द हिंदू की खबर के मुताबिक राज्य में उसकी सहयोगी पार्टी इंडिजनस पीपल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) ने लोक सभा चुनाव में अकेले लड़ने का फैसला किया है. पार्टी के प्रवक्ता मंगल देबबर्मा ने बताया कि पार्टी ने तीन मार्च को अपनी केंद्रीय कमिटी की बैठक में यह फैसला लिया. उन्होंने कहा, ‘पांच जनवरी को जब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अगरतला के दौरे पर थे तो हमने उनसे पूर्वी त्रिपुरा सीट से अपना उम्मीदवार उतारने की मांग की थी. उन्होंने हमसे कहा कि वे इस मुद्दे पर बाद में बात करेंगे, लेकिन अब तक नहीं की.’ त्रिपुरा में लोकसभा की कुल दो सीटें हैं. इनमें से पूर्वी त्रिपुरा आदिवासियों (एसटी) के लिए सुरक्षित है. इससे पहले साल 2018 में दोनों पार्टियों ने साथ मिलकर विधानसभा का चुनाव लड़ा था.

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पति-पत्नी को साथ रहने का आदेश देने के अदालती अधिकार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

अलग रह रहे दंपत्ति को किसी अदालत द्वारा एक साथ रहने का आदेश देने के कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. नवभारत टाइम्स के मुताबिक कानून की पढ़ाई कर रहे कुछ छात्रों ने इस संबंध में एक याचिका दायर की है. इसमें दलील दी गई है कि पति-पत्नी का अलग रहना तलाक का आधार हो सकता है लेकिन दोनों को साथ रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता. हिंदू/स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत कोई अदालत दांपत्य जीवन को बहाल रखने के लिए पति-पत्नी को साथ में रहने का आदेश दे सकती है. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले को तीन न्यायाधीशों की पीठ को भेज दिया है.

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विज्ञापन को लेकर जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी को नोटिस

केंद्रीय ड्रग नियंत्रक ने बहुराष्ट्रीय कंपनी (एमएनसी) जॉनसन एंड जॉनसन के खिलाफ नोटिस जारी किया है. अमर उजाला के पहले पन्ने पर छपी खबर के मुताबिक कंपनी के खिलाफ यह कदम विज्ञापन में झूठा दावा करने के लिए उठाया गया है. इस नोटिस पर कंपनी से एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगा गया है. कंपनी ने अपने विज्ञापन में दावा किया है कि उसके उत्पादों में कैंसरकारक कोई तत्व नहीं है. अगर जॉनसन एंड जॉनसन इसका जवाब देने में विफल रहती है तो उस पर ड्रग एंड कॉस्मेटिक कानून-1940 के तहत कार्रवाई की जाएगी. वहीं, अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि कंपनी ने बिना अनुमति टेलिकॉम पाउडर का निर्माण भी शुरू कर दिया है.

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तीनों सेनाओं में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने का फैसला

आम चुनाव की तारीखों के एलान से पहले रक्षा मंत्रालय ने तीनों सेनाओं में सभी शाखाओं की महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने का बड़ा फैसला लिया है. हिन्दुस्तान में प्रकाशित खबर के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इसका एलान किया था. इससे पहले दो शाखाओं-जज एडवोकेट जनरल और शिक्षा कोर में तैनात महिला अधिकारी को छोड़कर बाकी को 10 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत होना पड़ता था. इसके खिलाफ महिला अधिकारी अदालत का भी दरवाजा खटखटा चुकी थीं. बताया जाता है कि फिलहाल तीनों सेनाओं में 3,700 महिला अधिकारियों को इस फैसले का लाभ पहुंचेगा.

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