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रफाल मामले की सुनवाई खुली अदालत में होने सहित आज के अखबारों की पांच बड़ी खबरें

द हिंदू | दैनिक जागरण | नवभारत टाइम्स | अमर उजाला | हिंदुस्तान

ब्यूरो | 27 फरवरी 2019 | फोटो: विकीमीडिया कॉमन्स

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असम : जहरीली शराब की वजह से मौतों का आंकड़ा 158 तक पहुंचा

असम में जहरीली शराब पीने से होने वाली मौतों का आंकड़ा मंगलवार को 158 तक पहुंच गया. वहीं, 300 से अधिक लोगों का जोरहाट और गोलाघाट स्थित अस्पतालों में इलाज चल रहा है. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक जोरहाट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 78 लोगों की इलाज के दौरान मौत हुई जबकि 20 लोगों को मृत अवस्था में अस्पताल में लाया गया था. इसके अलावा गोलाघाट जिले में मरने वालों की संख्या 56 पहुंच चुकी है. उधर, पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है.

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सुप्रीम कोर्ट रफाल मामले पर सुनवाई खुली अदालत में करने को तैयार

सुप्रीम कोर्ट रफाल मामले पर अपने फैसले की समीक्षा संबंधी सुनवाई खुली अदालत में करने के लिए तैयार हो गया है. यानी अब इस मामले की सुनवाई के दौरान मीडिया और अन्य लोग भी मौजूद रह सकेंगे. दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर के मुताबिक आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने अपने वकील के जरिए इसकी मांग की थी. इससे पहले मंगलवार तक इस मामले की सुनवाई बंद कमरे में ही हुई है. बीते दिसंबर में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने रफाल मामले पर दायर चार याचिकाओं को खारिज कर दिया था. इसके बाद विपक्ष ने सरकार पर सुप्रीम कोर्ट को गलत जानकारी देने का आरोप लगाया था. वहीं, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दायर कर कहा था कि उसके नोट को समझने में शीर्ष अदालत ने गलती की है.

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दिल्ली हाई कोर्ट ने शक्तियों और अधिकार को लेकर चुनाव आयोग से जवाब मांगा

दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग की शक्तियों और अधिकार को लेकर अहम टिप्पणी की है. नवभारत टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक अदालत ने आयोग से पूछा है कि क्या उसके पास राजनीतिक दलों के खिलाफ कार्रवाई करने की शक्ति नहीं है जो उन्हें मिलने वाले धन और खर्च के विवरण का खुलासा करने के उसके निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं. इस पर आयोग ने अदालत को बताया कि वह लगातार ऐसे दलों को पत्र लिख रहा है. इसके बाद पीठ ने कहा, ‘आपने उन्हें लिखा लेकिन, उन्होंने इसका पालन नहीं किया. अब आगे क्या! हमें बताएं कि आप क्या करना चाहते हैं? आपके पास क्या शक्तियां हैं? आपका जवाब आपकी बेबसी का संकेत देता है.’ हाई कोर्ट ने आयोग को हलफनामे के जरिए इन सवालों का जवाब देने के लिए कहा है.

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वेटिकन सिटी के शीर्ष अधिकारी बाल यौन शोषण मामले में दोषी

वेटिकन सिटी में तीसरे नंबर के पदाधिकारी कार्डिनल जॉर्ज पेल को बाल यौन शोषण मामले में ऑस्ट्रेलिया में दोषी पाया गया है. अमर उजाला की खबर की मानें तो इस तरह के मामले में दोषी करार दिए जाने वाले पेल वेटिकन के सबसे वरिष्ठतम पदाधिकारी हैं. इससे पहले दिसंबर, 2018 में आरोपित को दोषी बताया गया था. हालांकि, निषेधाज्ञा लगी होने की वजह से मीडिया उनकी सुनवाई के संबंध में कोई खबर नहीं दे सका था. इसे मंगलवार को खत्म किया गया. बताया जाता है कि करीब 30 साल पहले पेल पर मेलबर्न स्थित सेंट पैट्रिक्स कैथेड्रल में दो लड़कों के यौन शोषण का आरोप लगा था.

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बिहार : सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में सामान्य वर्ग आरक्षण लागू

बिहार सरकार ने सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में सामान्य वर्ग आरक्षण को लागू कर दिया है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी की. इस अधिसूचना के मुताबिक आर्थिक रूप से कमजोर उन्हीं लोगों को इसका फायदा मिलेगा जो अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अत्यंत पिछड़ा और पिछड़ा वर्ग के लिए किए गए आरक्षण के प्रावधानों के दायरे में नहीं आते. इससे पहले केंद्र ने संविधान में संशोधन के जरिए आर्थिक आधार पर 10 फीसदी का आरक्षण का प्रावधान किया था.

  • ममता बनर्जी

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