गूगल लोगो

विचार-रिपोर्ट | अख़बार

राजनीतिक विज्ञापनों पर गूगल के बड़े फैसले सहित आज के अखबारों की पांच बड़ी खबरें

हिंदुस्तान | जनसत्ता | नवभारत टाइम्स | अमर उजाला | द स्टेट्समैन

ब्यूरो | 23 जनवरी 2019 | फोटो: यूट्यूब

1

गूगल राजनीतिक विज्ञापनों का ब्योरा सार्वजनिक करेगा

इंटरनेट के दिग्गज गूगल ने कहा है कि वह भारत से संबंधित राजनीतिक विज्ञापनों से जुड़ी सूचनाएं सार्वजनिक करेगा. इनमें चुनावी विज्ञापन देने वाले व्यक्ति समेत तमाम सूचनाएं होंगी. हिंदुस्तान के मुताबिक यह काम इसी मार्च से किया जाएगा. गूगल ने यह कदम आम चुनाव से पहले राजनीतिक विज्ञापनों के मामले में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया है. कंपनी का कहना है कि वह इन विज्ञापनों को देने वाले की पहचान का सत्यापन भी करेगी. माना जा रहा है कि इससे न सिर्फ फर्जी विज्ञापनों पर रोक लगेगी बल्कि इनमें काले धन का इस्तेमाल भी रुकेगा. गूगल से पहले ट्विटर भी इस तरह की पहल कर चुका है.

2

राष्ट्रपति के पद पर डोनाल्ड ट्रंप के 8,158 बार झूठे या गुमराह करने वाले दावे

डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद 8,158 बार झूठे या गुमराह करने वाले दावे कर चुके हैं. जनसत्ता ने वॉशिंगटन पोस्ट के हवाले से कहा है कि राष्ट्रपति ने अपने कार्यकाल के पहले साल प्रत्येक दिन औसतन छह बार इस तरह के दावे किए. वहीं, दूसरे वर्ष में उनके लिए यह आंकड़ा करीब तीन गुना बढ़कर 17 तक पहुंच गया. बताया जाता है कि डोनाल्ड ट्रंप ने इनमें सबसे अधिक 1433 गुमराह करने वाले दावे आव्रजन को लेकर किए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति अपने अजीबोगरीब बयानों के चलते अक्सर चर्चा में रहते हैं.

3

केवल प्रताड़ना के आरोपों के आधार पर खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला नहीं बनता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने खुदकुशी के मामलों को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है. नवभारत टाइम्स  में प्रकाशित खबर के मुताबिक शीर्ष अदालत ने साफ किया है कि खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला तब तक नहीं बनेगा, जब तक आरोपित के उकसावे में कोई सीधी भूमिका न हो. साथ ही, शीर्ष न्यायपालिका ने घटना के वक्त आरोपित के व्यवहार को अहम माना है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि केवल प्रताड़ना के आरोपों के आधार पर खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला नहीं बनता.

4

किसानों को प्रति एकड़ 12,000 रुपये सालाना देने की तैयारी

मोदी सरकार आम चुनाव से पहले किसानों की नाराजगी दूर करने की कोशिशों में दिख रही है. अमर उजाला   ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इसके तहत किसानों को प्रति एकड़ 12,000 रुपये सालाना देने की तैयारी है. इसके लिए सवा लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने की बात भी कही गई है. माना जा रहा है कि इसका एलान एक फरवरी को पेश होने वाले अंतरिम बजट से पहले भी किया जा सकता है. इस बारे में अखबार को सूत्रों ने बताया कि वित्त और कृषि मंत्रालयों की सिफारिश पर नीति आयोग ने इस प्रस्ताव की तैयारी की है.

5

आईसीसी अवार्ड्स में विराट कोहली का क्लीन स्वीप

भारतीय क्रिकेट के कप्तान विराट कोहली के नाम एक और उपलब्धि दर्ज हो गई है. उन्होंने 2018 के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के व्यक्तिगत स्तर के सभी खिताबों को अपने नाम कर लिया है. द स्टेट्समैन के मुताबिक उन्हें क्रिकेटर ऑफ द ईयर के साथ टेस्ट और वनडे में भी साल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी होने का सम्मान दिया गया है. अवार्डों की हैट्रिक लगाने वाले वे पहले क्रिकेटर हैं. साथ ही, विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को बीते साल के उभरते हुए खिलाड़ी का पुरस्कार मिला है.

  • अमित शाह, भाजपा

    विचार-रिपोर्ट | राजनीति

    तेलंगाना का एक नगर निगम चुनाव भाजपा के लिए इतना बड़ा क्यों बन गया है?

    अभय शर्मा | 30 नवंबर 2020

    सैमसंग गैलेक्सी एस20

    खरा-खोटा | मोबाइल फोन

    सैमसंग गैलेक्सी एस20: दुनिया की सबसे अच्छी स्क्रीन वाले मोबाइल फोन्स में से एक

    ब्यूरो | 27 नवंबर 2020

    डिएगो माराडोना

    विचार-रिपोर्ट | खेल

    डिएगो माराडोना को लियोनल मेसी से ज्यादा महान क्यों माना जाता है?

    अभय शर्मा | 26 नवंबर 2020

    निसान मैग्नाइट

    खरा-खोटा | ऑटोमोबाइल

    क्या मैगनाइट बाजार को भाएगी और निसान की नैया पार लगाएगी?

    ब्यूरो | 26 नवंबर 2020