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चुनावी बॉन्ड्स से 95 फीसदी चंदा भाजपा को मिलने सहित आज के अखबारों की पांच बड़ी खबरें

द इंडियन एक्सप्रेस | द टाइम्स ऑफ इंडिया | नवभारत टाइम्स | हिंदुस्तान | अमर उजाला

ब्यूरो | 12 अप्रैल 2019 | फोटो : भाजपा / ट्विटर

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झारखंड : गोकशी के शक में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या

झारखंड के गुमला जिले में गोकशी के शक में उन्मादी भीड़ ने एक व्यक्ति की पीट-पीटकर जान ले ली. वहीं, इस घटना में तीन लोग घायल हो गए. द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक मृतक की पहचान प्रकाश लाकड़ा के रूप में की गई है. अखबार ने पुलिस सूत्रों के हवाले कहा है कि इस उन्मादी भीड़ में गैर-आदिवासी शामिल थे. छोटा नागपुर क्षेत्र के डीआईजी एचए वेणुकांत ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. हालांकि, अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है. बताया जाता है कि बुधवार की रात जिस वक्त यह घटना हुई उस समय प्रकाश के साथ अन्य तीन लोग मरे हुए एक बैल का मांस काट रहे थे. डीआईजी की मानें तो इस बैल की मौत प्राकृतिक वजह से हुई थी.

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साल 2017-18 में चुनावी बॉन्ड्स की 95 फीसदी रकम भाजपा को मिली

साल 2017-18 में भाजपा को चुनावी बॉन्ड्स के जरिए कुल 210 करोड़ रुपये हासिल हुए. यह रकम राजनीतिक पार्टियों को इसके जरिये हासिल होने वाले चंदे का 95 फीसदी है. वहीं, कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों को इसके जरिए केवल 11 करोड़ रुपये मिले. द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यह जानकारी चुनाव आयोग ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को दी. वहीं, चुनावी चंदे से केंद्र में सत्ताधारी पार्टी को 990 करोड़ रुपये हासिल हुए. इससे पहले साल 2016-17 में भाजपा को इससे 997 करोड़ रुपये मिले थे. यह आंकड़ा कांग्रेस को हासिल चंदे की तुलना में पांच गुना है. फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट चुनावी बॉन्ड पर दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा है. इसमें कहा गया है कि इसके जरिए कालाधन और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है. याचिका में इससे जुड़ी प्रक्रिया में पारदर्शिता की भी मांग की गई है.

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प्रधानमंत्री के घरेलू दौरों पर आने वाले खर्च के ब्यौरे का रिकॉर्ड नहीं

प्रधानमंत्री के घरेलू दौरों पर आने वाले खर्च का ब्यौरा नहीं रखा जाता है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत दायर एक आवेदन के जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने यह जानकारी दी है. पीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री के घरेलू दौरे अलग-अलग सार्वजनिक संगठनों की तरफ से आयोजित किए जाते हैं. उसके मुताबिक चुनाव प्रचार से जुड़े प्रधानमंत्री के दौरे आधिकारिक नहीं हैं और इनका खर्च भी पीएमओ को नहीं उठाना होता है. इनके अलावा आवेदनकर्ता को विदेशी दौरों पर हुए खर्च की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट से हासिल करने को कहा गया है.

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कई योजनाओं के बाद भी सूक्ष्म, छोटे और मंझोले उद्योगों को मिलने वाले कर्ज में कमी

मुद्रा सहित अन्य योजनाओं के बावजूद सूक्ष्म, छोटे और मंझोले उद्योगों को दिए गए कर्ज में सरकारी बैंकों की हिस्सेदारी दिसंबर, 2018 में घटकर 39 फीसदी हो गई. इससे पांच साल पहले यह आंकड़ा 58 फीसदी था. हिन्दुस्तान की खबर के मुताबिक सिविल ट्रांसयूनियन कंपनी की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन बैंकों में वित्तीय संकट की वजह से कर्ज वितरण में यह कमी दर्ज की गई है. यह कंपनी भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) और कर्ज से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराती है.

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माउंट एवरेस्ट पर 10,000 किलो कचरा साफ करने का अभियान

नेपाल ने दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट एवरेस्ट पर जमा 10,000 किलो कचरे को साफ करने का फैसला किया है. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक इसके लिए 14 पर्वतारोहियों की टीम बनाई गई है. 25 अप्रैल से शुरू होने वाले इस सफाई अभियान को लेकर पर्यटन विभाग के प्रमुख दांदू राज घिमिरे ने कहा, ‘नेपाल पर अक्सर माउंट एवरेस्ट को साफ न करने का आरोप लगाया जाता है. लेकिन, अब हम इसकी सफाई में एकजुट हो गए हैं.’ वहीं, इस अभियान में सहयोगी एक संगठन का मानना है कि इस पर्वत पर साफ-सफाई रखने के लिए लगातार प्रयास करना होगा. बताया जाता है कि लगातार पर्वतारोहण की वजह से माउंट एवरेस्ट पर काफी कचरा जमा हो गया है. इससे पहले चीन ने प्रदूषण को देखते हुए एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाले लोगों की संख्या में कटौती की थी.

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