फोटो : यूट्यूब

विचार-रिपोर्ट | अख़बार

मसूद अजहर के अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित होने सहित आज के अखबारों की पांच बड़ी खबरें

द इंडियन एक्सप्रेस | नवभारत टाइम्स | हिंदुस्तान | द टाइम्स ऑफ इंडिया | दैनिक जागरण

ब्यूरो | 02 जून 2019 | फोटो : यूट्यूब

1

संयुक्त राष्ट्र ने मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किया

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने बुधवार को आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कर दिया. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इससे पहले चीन ने यूएन में पेश इस मामले से जुड़े प्रस्ताव पर अपनी आपत्ति वापस ले ली. वह लंबे अरसे से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) द्वारा मसूद अजहर को प्रतिबंधित आतंकियों की सूची में डालने पर आपत्ति करता रहा था. वहीं, यूएन में भारत के स्थाई प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने ट्वीट करके इस मामले में समर्थन के लिए सभी देशों का आभार जताया है.

2

गौतम गंभीर मानसिक रूप से सबसे असुरक्षित खिलाड़ी : पैडी अपटन

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मेंटल कंडिशनिंग कोच पैडी अपटन ने गौतम गंभीर को मानसिक रूप से सबसे असुरक्षित खिलाड़ी बताया है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक उन्होंने इसका जिक्र अपनी किताब ‘द बेयरफुट कोच’ में किया है. उन्होंने इस किताब में खिला है, ‘मैंने गंभीर के साथ अपना बेस्ट काम किया. लेकिन, यह उन पर सबसे कम प्रभावी रहा. जब वह 150 रन बनाता था तब भी निराश होता था कि उसने 200 रन क्यों नहीं बनाए.’ हालांकि, पैडी अपटन ने आगे कहा कि इससे उन्हें भारत के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक में शुमार होने से नहीं रोका जा सकता. वहीं, गौतम गंभीर ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, ‘मैं खुद को और भारतीय टीम को दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बनाना चाहता था इसलिए मैं 100 रन बनाने के बाद भी संतुष्ट नहीं होता था.’

3

राजनीतिक दलों के खर्च पर दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब-तलब किया

चुनाव में राजनीतिक दलों के खर्च पर दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब-तलब किया है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक अदालत ने आयोग से पूछा है कि इस संबंध में उसके पास कौन सी और कितनी शक्तियां मौजूद हैं? मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन की अध्यक्षता वाली पीठ ने आयोग को इससे संबंधित दस्तावेज भी पेश करने को कहा है. पीठ ने आगे कहा कि इस बार समुचित जवाब न मिलने पर वह तथ्यों के आधार पर फैसला सुनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी. हाई कोर्ट का कहना है कि पिछले पांच वर्षों से यह मामला लंबित पड़ा हुआ है और जवाब देने के पिछले आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है. अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 16 जुलाई तय की है.

4

श्रीनगर-बारामूला राष्ट्रीय राजमार्ग पर नागरिक यातायात को लेकर सभी तरह के प्रतिबंध खत्म

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने श्रीनगर-बारामूला राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर नागरिक यातायात को लेकर सभी तरह के प्रतिबंध हटा लिए हैं. हालांकि, श्रीनगर-उधमपुर राजमार्ग पर लोगों की आवाजाही को लेकर सीमित प्रतिबंध को बरकरार रखा गया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक प्रशासन ने इसे लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए जरूरी बताया है. हालांकि उसने यह भी कहा कि जरूरत होने पर इसमें ढील दी जा सकती है. इससे पहले बीती 22 अप्रैल को श्रीनगर-बारामूला हाईवे पर प्रतिबंध में ढील देते हुए लोगों के लिए यह रास्ता बुधवार को खोल दिया गया था. केवल रविवार के दिन नागरिक यातायात पर रोक थी.

5

देश में कानून जाति निरपेक्ष और एकसमान होना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देश में कानून जाति निरपेक्ष और एकसमान होना चाहिए. दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर के मुताबिक शीर्ष अदालत ने केंद्र की एक पुनर्विचार याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए यह टिप्पणी की. न्यायाधीश अरुण मिश्रा और न्यायाधीश यूयू ललित की पीठ ने फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा, ‘देश में कानून एकसमान होना चाहिए. यह सामान्य श्रेणी या एससी-एसटी श्रेणी का नहीं होना चाहिए.’ वहीं, अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि मार्च, 2018 में दिया गया फैसला समस्या पैदा करने वाला है और कोर्ट को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए. इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट के तहत गिरफ्तारी के प्रावधानों को नरम कर दिया था.

  • सैमसंग गैलेक्सी एस20

    खरा-खोटा | मोबाइल फोन

    सैमसंग गैलेक्सी एस20: दुनिया की सबसे अच्छी स्क्रीन वाले मोबाइल फोन्स में से एक

    ब्यूरो | 23 घंटे पहले

    डिएगो माराडोना

    विचार-रिपोर्ट | खेल

    डिएगो माराडोना को लियोनल मेसी से ज्यादा महान क्यों माना जाता है?

    अभय शर्मा | 26 नवंबर 2020

    निसान मैग्नाइट

    खरा-खोटा | ऑटोमोबाइल

    क्या मैगनाइट बाजार को भाएगी और निसान की नैया पार लगाएगी?

    ब्यूरो | 26 नवंबर 2020

    भारतीय पुलिस

    आंकड़न | पुलिस

    पुलिस हिरासत में होने वाली 63 फीसदी मौतें 24 घंटे के भीतर ही हो जाती हैं

    ब्यूरो | 25 नवंबर 2020