हेली कॉमेट

विचार-रिपोर्ट | आज का कल

हेली कॉमेट को पहली बार देखे जाने सहित 19 अप्रैल को घटी पांच प्रमुख घटनाएं

आर्यभट्ट | हेली कॉमेट | फिलीस्तीन | श्यामाप्रसाद मुखर्जी | फिदेल कास्त्रो

ब्यूरो | 19 अप्रैल 2019 | फोटो: विकीपीडिया

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19 अप्रैल, 1910 को हेली कॉमेट या हेली पुच्छल तारे को पहली बार सामान्य रूप से देखा गया. हेली कॉमेट एक शॉर्ट-पीरियड कॉमेट है जिसे हर 75-76 साल बाद धरती से देखा जा सकता है. दूसरी बार इसे 1986 में देखा गया था और अब इसके मध्य 2061 में देखाई देने की संभावना जताई जाती है.

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19 अप्रैल, 1975 को भारत ने रूस की मदद से अपना पहला उपग्रह ‘आर्यभट्ट’ लॉन्च किया था. इसके साथ ही वह अंतरिक्ष युग में दाखिल हुआ. इसरो द्वारा बनाए गए इस उपग्रह को भेजने के लिए रूसी रॉकेट कपूस्तिन यर की मदद ली गई थी.

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19 अप्रैल, 1936 को फिलीस्तीन में यहूदी विरोधी दंगे शुरू हुए थे. इन दंगों में सैकड़ो यहूदी मारे गए. यहां से शुरू हुई अस्थिरता लंबे समय तक कायम रही. 1936-1939 के बीच इस समय को फिलीस्तीन में हुई अरब क्रांति के नाम से जाना जाता है.

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19 अप्रैल, 1950 को श्यामा प्रसाद मुखर्जी केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाले पहले मंत्री बने. इसके बाद मुखर्जी ने कांग्रेस पार्टी भी छोड़ दी थी. उन्होंने 1951 में भारतीय जन संघ की स्थापना की जो आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी बना.

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19 अप्रैल, 2011 को क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ क्यूबा की केन्द्रीय समिति में 45 वर्षों तक बने रहने के बाद इस्तीफा दिया था. कास्त्रो ने 1959 से 1976 तक क्यूबा के प्रधानमंत्री और 1976 से 2008 तक राष्ट्रपति के तौर पर काम किया.

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