आलू किसान

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पंजाब में आलू की बंपर फसल से बेहाल किसानों सहित आज के अखबारों की पांच बड़ी खबरें

द टाइम्स ऑफ इंडिया | द स्टेट्समैन | द ट्रिब्यून | अमर उजाला | राजस्थान पत्रिका

ब्यूरो | 27 दिसंबर 2018 | फोटो: यूट्यूब

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ई-कॉमर्स कंपनियों पर सख्ती

केंद्र सरकार ने ई कॉमर्स कंपनियों के लिए नियमों में सख्ती कर दी है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक अब फ्लिपकार्ट या एमेजॉन जैसी कंपनियां अपनी वेबसाइट पर ‘एक्सक्लूसिव ओनली’ उत्पाद नहीं बेच पाएंगी. बताया जा रहा है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है कि ताकि ये कंपनियां कीमतों को अपने हिसाब से प्रभावित न कर सकें. साथ ही उन पर ऐसी कंपनियों के उत्पाद बेचने पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं जिनमें उनकी हिस्सेदारी हो. इसके अलावा अब कोई बिक्रेता किसी एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपने उत्पादों का 25 फीसदी से ज्यादा हिस्सा नहीं बेच पाएगा. ये कदम छोटे व्यापारियों की शिकायत पर उठाए गए हैं जिनका कहना था कि बड़ी ई कॉमर्स कंपनियों के चलते उनकी आजीविका पर बुरा असर पड़ रहा है. नए नियम एक फरवरी से अमल में आ जाएंगे.

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कर्मचारियों की हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित

देश भर के करीब 10 लाख बैंक कर्मचारियों के बुधवार को हड़ताल पर रहने से बैंकिंग सेवाएं काफी प्रभावित हुईं. द स्टेट्समैन की खबर के मुताबिक इसके चलते हजारों करोड़ का लेन-देन अटका रहा. यह एक हफ्ते के भीतर बैंक कर्मचारियों की दूसरी राष्ट्रव्यापी हड़ताल थी. बीते शुक्रवार को बैंकों की अधिकारी यूनियन ने भी हड़ताल की थी. ये कर्मचारी विजया बैंक और देना बैंक के बैंक ऑफ बड़ोदा में विलय का विरोध कर रहे हैं. साथ ही वे अपनी तनख्वाह बढ़ाने की भी मांग कर रहे हैं.

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पंजाब में आलू की बंपर फसल से किसान मुश्किल में

पंजाब में लगातार तीसरे सीजन में आलू की बंपर फसल ने किसानों को मुश्किल में डाल दिया है. हालत यह है कि कोल्ड स्टोरेज भरे हुए हैं और किसानों को आलू या तो खेत में ही सड़ने के लिए छोड़ना पड़ रहा है या फिर मुफ्त में देना पड़ रहा है. द ट्रिब्यून के मुताबिक भारी घाटे के चलते इनमें से कइयों ने तो अब आलू की खेती छोड़ने का ही फैसला कर लिया है. वे सरकार से भी नाराज हैं. उन्हें उम्मीद थी कि सरकार आलू के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अब जो हाल है उसमें उनकी लागत भी नहीं निकल रही. उधर, कोल्ड स्टोरेज वाले भी परेशान हैं. आलू की नई फसल बाजार में आ चुकी है और पुरानी फसल लेने को कोई तैयार नहीं तो कई किसानों ने अपना आलू कोल्ड स्टोरेज में भी छोड़ दिया है.

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उत्तर प्रदेश : तीन मंत्रियों के निजी सचिवों के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन, घूस मांगते हुए पकड़े गए

उत्तर प्रदेश में मंत्रियों के निजी सचिवों के भ्रष्टाचार का एक चैनल के स्टिंग ऑपरेशन के जरिए ख़ुलासा हुआ है. इस संबंध में एक वीडियो सामने आने के बाद जांच के आदेश दे दिए गए हैं. आरोपितों का निलंबन भी तय माना जा रहा है. अमर उजाला के मुताबिक पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर के निजी सचिव बेसिक शिक्षा विभाग में तबादला कराने के लिए 40 लाख रुपए की मांग करते दिखे हैं. उधर, खनन राज्य मंत्री अर्चना पांडेय के निजी सचिव आधा दर्जन जिलों में खनन पट्टा दिलाने के लिए सौदेबाज़ी करते दिख रहे हैं. वहीं बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के निजी सचिव किताबों का ठेका दिलाने के लिए अपने हिस्से (कमीशन) की मांग करते नज़र आए हैं.

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महाराष्ट्र : चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का 3,557 करोड़ रुपए बकाया

महाराष्ट्र में पेराई सीजन शुरू होने के बाद से 188 में से 120 चीनी मिलों ने गन्ना किसानों को एक रुपया भी भुगतान नहीं किया है. इनमें से अधिकतर मिलें मंत्रियों और विपक्षी दलों के नेताओं की हैं. राजस्थान पत्रिका की खबर के मुताबिक 15 दिसंबर तक मिलों ने किसानों को केवल 1,478 करोड़ रुपए का भुगतान किया है. अब भी इन मिलों पर किसानों का कुल 3,557 करोड़ रुपए बकाया है. गन्ना नियंत्रण आदेश के तहत चीनी मिलों को किसानों से गन्ने की खरीदारी के 15 दिनों के भीतर भुगतान करना जरूरी है.

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