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14 जनवरी को घटी पांच प्रमुख घटनाएं

पानीपत का तीसरा युद्ध | कैथोलिक चर्च में दासता | अबुल फजल | पांडिचेरी | इंदिरा गांधी का बीस सूत्रीय कार्यक्रम

ब्यूरो | 14 जनवरी 2019 | फोटो: विकीमीडिया कॉमन्स

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14 जनवरी, 1761 को अफगान शासक अहमद शाह अब्दाली की सेना और मराठों के बीच पानीपत की तीसरी लड़ाई हुई थी. इस लड़ाई में मराठों को हार का सामना करना पड़ा था. बताया जाता है कि इस युद्ध में इतने मराठे मार गए कि महाराष्ट्र में शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा जिसने अपना कोई सगा-संबंधी न खोया हो. वहीं, कुछ परिवार तो पूरी तरह खत्म हो गए.

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14 जनवरी, 1514 को पोप लियो दशम ने दासता के विरुद्ध आदेश पारित किया. इसके पहले कैथोलिक चर्च में दासता को बुरा नहीं माना जाता था. ओल्ड टेस्टामेंट में दासता को स्वीकार किया गया और इसके लिए कुछ नियम बनाए गए थे, वहीं न्यू टेस्टामेंट कहता था कि दासों को अपने मालिकों हर आज्ञा का पालन करना चाहिए.

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14 जनवरी, 1551 को  अकबर के नवरत्नों में शामिल अबुल फजल का जन्म हुआ था. अबुल फजल ने अकबरनामा और आईना-ए-अकबरी जैसी किताबें लिखीं जो अकबरकालीन मुगल इतिहास बताती है.

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14 जनवरी, 1760 को फ्रांसीसी जनरल लेली ने पांडिचेरी अंग्रेज़ों के हवाले कर दिया. 1674 से पांडिचेरी फ्रेंच उपनिवेश बन गया था और यह पूरी तरह से भारत के आधिपत्य में साल 1962 में आया.

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14 जनवरी, 1982 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ‘20 सूत्रीय कार्यक्रम’ की घोषणा की. मूलरूप 20 सूत्रीय कार्यक्रम 1975 में लाया गया और इमरजेंसी के दौरान इसकी खूब आलोचना भी हुई थी. इसीलिए इंदिरा गांधी 1982 में इसका पुनर्गठन किया था.

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