अमित शाह

समाचार | बयान

जम्मू-कश्मीर को सबसे विकसित राज्य बनाने के अमित शाह के दावे सहित आज के बड़े बयान

अमित शाह | हरीश साल्वे | महबूबा मुफ्ती | उमर अब्दुल्ला | गुलाम नबी आजाद

ब्यूरो | 05 अगस्त 2019 | फोटो: बीजेपी डॉट ओआरजी

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‘हम जम्मू-कश्मीर को सबसे विकसित राज्य बनाएंगे.’ 

— अमित शाह, गृहमंत्री

अमित शाह ने यह बात राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने को लेकर हुई चर्चा के बाद जवाब में कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘जम्मू-कश्मीर हमेशा केंद्र शासित प्रदेश नहीं रहेगा. हालात सामान्य होने पर हम इसे फिर से पूर्ण राज्य बनाएंगे.’ इसी मौके पर अमित शाह ने यह भी कहा, ‘कुछ लोग कहते हैं कि धारा 370 के हटने से कश्मीर की संस्कृति खत्म हो जाएगी. लेकिन आप दूसरे राज्यों को देखिये वहां ऐसी धारा के बगैर उनकी भाषा-संस्कृति कायम है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘धारा 370 कश्मीर के लोगों की नहीं बल्कि सिर्फ तीन परिवारों की सुरक्षा करती है.’

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‘जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने एकतरफा कदम उठाया है.’ 

— उमर अब्दुल्ला, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री

उमर अब्दुल्ला ने यह बात एक बयान जारी करके कही. इसी बयान से उन्होंने यह भी कहा, ‘केंद्र सरकार ने ऐसा करके जम्मू-कश्मीर के लोगों को धोखा दिया है. उसने इस विनाशकारी फैसले को लागू कराने के लिए छल का सहारा लिया है जिसके भयानक दुष्परिणाम आएंगे.’ इसके साथ ही उमर अब्दुल्ला का यह भी कहना था, ‘इस फैसले को लेकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं अपनाई गई इसलिए हम इसे चुनौती देंगे और लंबी लड़ाई लड़ेंगे.’

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‘नया भारत बनाने के लिए क्या आप पुराने भारत को तोड़ देंगे?’ 

— गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

गुलाम नबी आजाद ने यह बात धारा 370 हटाने और जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन विधेयक पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘कश्मीर के लोगों ने कभी किसी को पराया नहीं माना. पंडित नेहरू और सरदार पटेल पर भरोसा करके उन्होंने हिंदुस्तान के साथ रहना स्वीकार किया लेकिन यह प्रस्ताव पेश करके सरकार ने कश्मीरियों का भरोसा तोड़ा है.’ इस मौके पर गुलाम नबी आजाद का यह भी कहना था, ‘आप संख्याबल के आधार पर तो इस विधेयक को पारित करवा लेंगे लेकिन इसे लोगों के दिलों में उतारने में सफल नहीं हो पाएंगे.’

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‘आज भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे काला दिन है.’ 

— महबूबा मुफ्ती, पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख

महबूबा मुफ्ती ने यह बात बीबीसी के साथ एक बातचीत में कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘भारतीय संसद ने हमारी उम्मीदों को तोड़ा है. ऐसा लगता है कि वे (केंद्र सरकार) कश्मीर की जमीन तो चाहते हैं पर यहां के लोगों की उन्हें कोई चिंता नहीं.’ महबूबा मुफ्ती ने आगे कहा, ‘इससे बहुत ज्यादा नुकसान होगा और इस फैसले का पूरे उप महाद्वीप पर व्यापक असर पड़ेगा.’

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‘सरकार ने धारा 370 को नहीं बल्कि 35ए सहित उसके प्रावधानों को खत्म किया है.’ 

— हरीश साल्वे, वरिष्ठ अधिवक्ता

हरीश साल्वे ने यह बात पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘अनुच्छेद 370 के मुताबिक उसके प्रावधानों को राष्ट्रपति के आदेश के जरिये लागू किया जाएगा. साल 1954 में राष्ट्रपति के आदेश के जरिये धारा 35ए को संविधान में शामिल किया गया था. आज उसी आदेश को रद्द किया गया है.’ इस मौके पर जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन प्रस्ताव को हरीश साल्वे ने राजनीतिक फैसला बताया. साथ ही कहा, ‘इसका महत्व तब होगा जब यह संसद में पारित हो जाएगा.’

 

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