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तकनीकी खराबी के चलते चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग टलने सहित आज के बड़े समाचार

चंद्रयान | कर्नाटक | बाबरी विध्वंस मामला | हिमाचल प्रदेश | अमेरिका

ब्यूरो | 15 जुलाई 2019 | फोटो : इसरो/ ट्विटर

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तकनीकी गड़बड़ी के चलते चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग टली

इसरो के अब तक के सबसे महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग इसी महीने फिर हो सकती है. तकनीकी गड़बड़ी के चलते रविवार को ऐन मौके पर इस मिशन को रोकना पड़ा था. बताया जा रहा है कि रॉकेट और सेटेलाइट पूरी तरह सुरक्षित हैं. कल एक बयान जारी करते हुए इसरो ने कहा था कि उल्टी गिनती के 56वें मिनट के दौरान लॉन्च व्हीकल सिस्टम में एक तकनीकी दिक्कत का पता चला. उसके मुताबिक इसके बाद सतर्कता बरतते हुए लॉन्च रोकने का फैसला किया गया. चंद्रयान-2 दस साल के भीतर चंद्रमा पर भेजा जाने वाला भारत का दूसरा अभियान है. इससे पहले उसने अक्टूबर 2008 में चंद्रयान-वन को चंद्रमा की कक्षा में भेजा था. चंद्रयान-2 की सफलता के साथ ही भारत, अमेरिका, रूस और चीन के बाद धरती के इस उपग्रह पर अंतरिक्ष यान उतारने वाला चौथा देश बन जाएगा.

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कर्नाटक : एचडी कुमारस्वामी सरकार का विश्वासमत परीक्षण इसी गुरुवार को होगा

18 विधायकों के इस्तीफों से संकट में आए कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी इसी हफ्ते विधानसभा में विश्वासमत प्रस्ताव पेश करेंगे. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आज ये जानकारी दी. उन्होंने बताया कि विश्वासमत परीक्षण गुरुवार सुबह 11 बजे होगा. सिद्धारमैया ने दावा किया कि गठबंधन सरकार बहुमत हासिल कर लेगी. कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन से अब तक 18 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं. मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बीते शुक्रवार को विधानसभा सत्र शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष से विश्वासमत परीक्षण के लिए वक्त मांगा था. उनका दावा था कि बहुमत उनके साथ है. उधर, कर्नाटक में विपक्षी भाजपा ने आज ही सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है. इससे पहले पार्टी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येद्दियुरप्पा ने कहा था कि एचडी कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में आ चुकी है और या तो मुख्यमंत्री कुर्सी छोड़ दें या राज्यपाल उन्हें बर्खास्त कर दें. फिलहाल कांग्रेस, जेडीएस और भाजपा ने अपने-अपने विधायकों पर पहरे कड़े कर दिए हैं. किसी भी संभावित टूट से बचाने के लिए उन्हें अलग-अलग रिसॉर्ट्स में भेज दिया गया है.

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बाबरी विध्वंस मामले में सुनवाई पूरी करने के लिये विशेष जज ने और छह महीने का वक्त मांगा

अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराए जाने से जुड़े मुकदमे में एक नया मोड़ आ गया है. इसकी सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश ने सुनवाई पूरी करने के लिए और छह महीने का समय मांगा है. इस अनुरोध के साथ आज उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर किया. विशेष न्यायाधीश ने शीर्ष अदालत को जानकारी दी है कि वे 30 सितंबर, 2019 को रिटायर हो रहे हैं. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा है कि क्या ऐसी कोई व्यवस्था है जिसमें विशेष न्यायाधीश द्वारा इस मामले में फैसला सुनाए जाने तक उनका कार्यकाल बढ़ाया जा सके. इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और कई अन्य नेताओं पर मुकदमा चल रहा है. शीर्ष अदालत ने 19 अप्रैल, 2017 को राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मामले की रोज़ाना सुनवाई करके इसे दो साल के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया था.

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हिमाचल प्रदेश : बारिश के चलते इमारत ढहने से 13 सैन्यकर्मियों सहित 14 लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश में एक चारमंजिला इमारत गिरने से मरने वालों का आंकड़ा 14 तक पहुंच गया है. इनमें 13 सैन्यकर्मी हैं. ये हादसा रविवार शाम को राज्य के सोलन जिले में हुआ. पुलिस ने बताया कि ये इमारत रविवार शाम की भारी बारिश के बाद ढह गई. मलबे से अभी तक सेना के 13 जवानों और एक नागरिक के शव निकाले जा चुके हैं. उधर, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस हादसे पर दुख जताया है. साथ ही, उन्होंने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं.

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अमेरिका : विदेशी मूल की महिला सांसदों के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप के ट्वीट्स की चौतरफा आलोचना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. इसकी वजह डेमोक्रेटिक पार्टी की कुछ महिला सांसदों के खिलाफ उनके ट्वीट हैं. इनमें डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इन सांसदों को वहीं लौट जाना चाहिए जहां से वे आई हैं. उनका ये भी कहना था कि इन सांसदों को अमेरिका की आलोचना के बजाए अपने देश के हाल ठीक करने चाहिए. इन महिला सांसदों ने हाल में मैक्सिको सीमा पर मौजूद शरणार्थी हिरासत केंद्रों में हालात खराब होने का आरोप लगाते हुए ट्रंप प्रशासन की आलोचना की थी. इस तरह के ट्वीट्स के बाद डोनाल्ड ट्रंप की काफी आलोचना हो रही है. अमेरिका के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने राष्ट्रपति की इन टिप्पणियों को विभाजनकारी क़रार दिया है. सीनेटर कमला हैरिस ने भी इनकी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति के मुंह से ऐसी बातें शोभा नहीं देतीं.

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