राजनाथ सिंह

समाचार | अख़बार

हर कंप्यूटर की निगरानी पर सरकार की सफाई सहित आज के अखबारों की पांच बड़ी खबरें

हिन्दुस्तान | द ट्रिब्यून | द स्टेट्समैन | दैनिक जागरण | द इकनॉमिक टाइम्स

ब्यूरो | 31 दिसंबर 2018 | फोटो: पीआईबी

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सभी कंप्यूटरों की निगरानी के मामले में सरकार की सफाई

देश में सभी कंप्यूटरों की निगरानी के मामले को लेकर बढ़ते विवाद के बीच गृह मंत्रालय ने सफाई दी है. हिन्दुस्तान के मुताबिक उसने कहा है कि इसके लिए किसी भी एजेंसी को ‘पूर्ण शक्ति’ नहीं दी गई है और बिना अनुमति निगरानी नहीं की जा सकेगी. 20 दिसंबर को मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी की थी. इसमें कहा गया था कि 10 केंद्रीय एजेंसियों को किसी भी कंप्यूटर की निगरानी और उसकी जांच का अधिकार होगा. विपक्ष ने अलोकतांत्रिक बताते हुए मौलिक अधिकारों पर हमला करार दिया था.

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हरियाणा सरकार किसानों को पेंशन दे सकती है

हरियाणा की भाजपा सरकार किसानों के लिए एक पेंशन योजना पर विचार कर रही है.द ट्रिब्यून के मुताबिक इस मुद्दे पर विचार करने के लिए एक समिति बनाई गई है. इस समिति ने हाल ही में एक बैठक भी की. इसमें इस बात पर चर्चा हुई कि किसान पेंशन योजना को अटल पेंशन योजना के साथ मिलाया जाए. असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए केंद्र इस योजना के तहत 1000 रु प्रति महीने देता है. समिति का का मानना है कि इसमें अगर कुछ पैसा राज्य सरकार मिला दे और कुछ किसान तो एक अच्छी-खासी राशि बन सकती है. किसानों की कर्ज माफी की विपक्ष की मांग के चलते अलग-अलग राज्यों की भाजपा सरकारें कुछ समय से दबाव में हैं.

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अंडमान और निकोबार के तीन द्वीपों को नया नाम मिला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के तीन द्वीपों को नया नाम दिया है. द स्टेट्समैन के मुताबिक प्रधानमंत्री ने रोस आइलैंड का नामकरण उनके नाम पर करने की घोषणा की. यानी अब इसे नेताजी सुभाषचंद्र बोस द्वीप के नाम से जाना जाएगा. इसके अलावा नील आइलैंड को शहीद द्वीप और हेवलॉक आइलैंड को स्वराज द्वीप के नाम से पहचाना जाएगा. द्वितीय विश्व युद्ध में अंडमान-निकोबार पर जापानी सेना के कब्जे के बाद 30 दिसंबर, 1943 को यहां पहुंचे नेताजी ने ही अंडमान-निकोबार का नाम बदलकर शहीद और स्वराज द्वीप करने की सलाह दी थी.

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अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले में गांधी परिवार के खिलाफ सबूत जुटाना जांच एजेंसियों के लिए टेढ़ी खीर

अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले में गांधी परिवार के खिलाफ सबूत जुटाना जांच एजेंसियों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. दैनिक जागरण के मुताबिक अब तक वे गांधी परिवार तो क्या उनके किसी करीबी तक पहुंचने में भी विफल रही हैं. अखबार के मुताबिक तीन कंपनियों तक इस सौदे की दलाली की रकम पहुंचने के सबूत मिले हैं लेकिन जांच उसके आगे नहीं बढ़ पा रही. इस सौदे के बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को भारत लाया जा चुका है. लेकिन ईडी के एक अधिकारी के मुताबिक सिर्फ उसके बयान के आधार पर किसी को आरोपित बनाना संभव नहीं है.

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एयरटेल और जिओ, वोडा-आइडिया की नंबर वन की कुर्सी छीन सकते हैं

भारतीय दूरसंचार बाजार में दूसरे और तीसरे पायदान पर बैठी भारती एयरटेल और रिलायंस जिओ इन्फोकॉम 2019 के आखिर तक वोडा-आइडिया को पहले नंबर की कुर्सी से हटा सकती हैं. जानकारों के हवाले से द इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है. माना जा रहा है कि अगले साल के अंत तक इनमें से कोई भी कंपनी राजस्व के लिहाज से पहले स्थान पर काबिज हो सकती है. इसके पीछे इनके बेहतर 4जी नेटवर्क को कारण बताया जा रहा है

  • राहुल और प्रियंका गांधी

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