रॉबर्ट वाड्रा और प्रियंका गांधी

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रॉबर्ट वाड्रा के राजनीति में आने के संकेत सहित आज के अखबारों की पांच बड़ी खबरें

द हिंदू | नवभारत टाइम्स | हिन्दुस्तान | अमर उजाला | दैनिक भास्कर

ब्यूरो | 25 फरवरी 2019 | फोटो : प्रियंका गांधी / फेसबुक

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अर्द्धसैनिक बलों के जोखिम भत्ते में बढ़ोतरी

पुलवामा आतंकी हमले के बाद गृह मंत्रालय ने केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के जोखिम भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान किया है. द हिंदू की खबर की मानें तो मंत्रालय ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर और नक्सलवाद प्रभावित राज्यों के मुश्किल इलाकों में तैनात सैनिकों को इसका फायदा मिलेगा. इसके तहत इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी को 9,700 की जगह 17,300 और इसके ऊपर के अधिकारियों को 16,900 की जगह 25,000 रुपये मिलेंगे. इस ऐलान का लाभ जम्मू-कश्मीर में नियुक्त 65,000 जवानों में से 55,000 को मिलने की बात कही गई है. बताया जाता है कि यह प्रस्ताव साल 2017 से गृह मंत्रालय के पास लंबित था.

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रॉबर्ट वाड्रा ने राजनीति में आने के संकेत दिए, कांग्रेस ने इनकार किया

मनी लॉन्डरिंग के आरोपों का सामना का रहे रॉबर्ट वाड्रा ने राजनीति में आने के संकेत दिए हैं. नवभारत टाइम्स  में छपी खबर के मुताबिक उन्होंने कहा है कि यह मामला खत्म होने के बाद वे लोगों की सेवा के लिए बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. रॉबर्ट वाड्रा ने फेसबुक पर आगे लिखा कि वे वर्षों के काम को बेकार नहीं जाने देना चाहते. हालांकि, कांग्रेस ने उनके राजनीति में आने की संभावना को नकार दिया है. पार्टी का कहना है कि वाड्रा लंबे वक्त से अलग-अलग एनजीओ से जुड़े हुए हैं.

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नोटबंदी से बैंकों में 19 लाख करोड़ रुपये जमा हुए थे : केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह ने नोटबंदी को लेकर एक बड़ा दावा किया है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक उन्होंने कहा है कि नोटबंदी से बैंकों में 19 लाख करोड़ रुपये जमा हुए थे. बीरेंद्र सिंह ने आगे कहा, ‘इसमें से अधिकतर रकम अमीरों के घरों में जमा थी, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को गति मिली. देश में अमीर-गरीब के बीच की खाई को कम करने में यह सरकार कामयाब हुई.’ हालांकि, इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कहा था कि नोटबंदी के बाद अमान्य 500 और 1000 रुपये के रूप में चलन में मौजूद 15.44 लाख करोड़ रुपये में से 15.28 लाख करोड़ रुपये वापस आए थे.

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अरुणाचल प्रदेश : हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार बाहरी लोगों को स्थायी आवासीय प्रमाणपत्र देने का फैसला वापस लिया

अरुणाचल प्रदेश में बाहरी लोगों को स्थायी आवासीय प्रमाणपत्र देने के फैसले का हिंसक विरोध सामने आया है. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक रविवार को कर्फ्यू के बीच उग्र भीड़ ने उपमुख्यमंत्री चोउना मीन के निजी आवास में आग लगा दी. वहीं, विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करने की कोशिश में पुलिस की फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई. बताया जाता है कि इस विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार ने अपने विवादित फैसले को वापस ले लिया है. मुख्यमंत्री पेमा खांडू अपने पद से इस्तीफा भी दे सकते हैं. वहीं, राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की संभावनाओं पर भी विचार किए जाने की बात कही गई है.

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कांग्रेस ‘आप’ के साथ कोई गठबंधन करने नहीं जा रही है : शीला दीक्षित

दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच चुनावी गठबंधन को लेकर लग रहे कयासों पर पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने विराम लगा दिया है. दैनिक भास्कर के मुताबिक दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘कांग्रेस आप के साथ कोई गठबंधन करने नहीं जा रही है. हम अपने दम पर चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे.’ साथ ही, उन्होंने पूर्ण राज्य के मसले पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को घेरा. शीला दीक्षित ने कहा, ‘केजरीवाल जी झूठी वाहवाही के लिए दिल्ली के लोगों में भ्रम फैला रहे हैं. मैं पूछती हूं चार साल पहले उन्होंने अनशन क्यों नहीं किया. केवल चुनावों को देखकर उन्हें अब दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाना क्यों याद आ रहा है?’

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