पुलवामा आतंकी हमला

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पुलवामा जैसे एक और हमले की आशंका सहित आज के अखबारों की पांच बड़ी खबरें

अमर उजाला | नवभारत टाइम्स | द एशियन एज | हिंदुस्तान | दैनिक जागरण

ब्यूरो | 17 मई 2019 | फोटो : एआईआर / ट्विटर

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प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत बेची जाने वाली कई दवाइयां तय मानकों के अनुरूप नहीं

प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत बेची जाने वाली कई दवाइयां तय मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई हैं. इनमें मधुमेह यानी डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों की दवाइयां शामिल हैं. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक इस योजना को लागू करने वाले ब्यूरो ऑफ फार्मा पीएसयूज ऑफ इंडिया (बीपीपीआई) को जनवरी, 2018 से अब तक 18 कंपनियों की दवाओं के 25 बैच गुणवत्ता मानक से नीचे मिले हैं. इन कंपनियों में 17 निजी क्षेत्र की कंपनियां हैं. बीपीपीआई के सीईओ सचिन सिंह ने इन कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है. बताया जाता है कि बीपीपीआई ने इस योजना के लिए फरवरी, 2019 में 146 फार्मा कंपनियों के साथ समझौता किया है.

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कश्मीर घाटी में पुलवामा जैसे आतंकी हमले की आशंका, हाई अलर्ट जारी

जम्मू-कश्मीर में एक बड़े आतंकी हमले के बारे में खुफिया जानकारी के बाद कश्मीर घाटी में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक इस खुफिया जानकारी को भारत के साथ पाकिस्तान ने साझा किया है. इस बारे में एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने बताया, ‘इसमें कहा गया है कि हाल ही में सुरक्षाबलों द्वारा मारे गए अंसार गजावतुल हिंद के सरगना जाकिर मूसा की मौत का बदला लेने के लिए अमरनाथ यात्रा के दौरान या इससे पहले अलकायदा हमले को अंजाम दे सकता है.’ उन्होंने खुफिया जानकारी के हवाले से आगे कहा कि आतंकियों द्वारा पुलवामा जिले के अवंतीपोरा में यह हमला किया जा सकता है. बताया जाता है कि तीर्थयात्री अमरनाथ की पवित्र गुफा तक जाने के लिए अवंतीपोरा से होकर गुजरते हैं. इस सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की लगभग 450 अतिरिक्त कंपनियों को तैनात किया जा रहा है.

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अलगाववादी नेता विदेशों से हासिल फंड का इस्तेमाल खुद के लिए करते थे : एनआईए

जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता विदेशों से हासिल फंड का इस्तेमाल खुद के लिए संपत्ति खरीदने के लिए करते थे. साथ ही, इससे वे अन्य देशों में पढ़ाई कर रहे अपने और रिश्तेदारों के बच्चों की फीस भी चुकाते थे. द एशियन एज की रिपोर्ट के मुताबिक इस बात का खुलासा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने किया है. फिलहाल, एनआईए राज्य में आतंकी फंडिंग से जुड़े मामलों की जांच कर रही है. एजेंसी ने दावा किया है कि दुख्तराने-ए मिल्लत की नेता आसिया अंद्राबी से मलेशिया में उनके बेटे की पढ़ाई पर किए जा रहे खर्च के बारे में पूछताछ की गई थी. एनआईए की मानें तो इस पढ़ाई का खर्च जहूर वाताली नाम का शख्स उठा रहा था. वाताली को आतंकी फंडिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है. वहीं, एक अन्य अलगाववादी नेता शब्बीर शाह पर पाकिस्तान से हासिल फंड से पहलगाम में एक होटल खड़ा करने का आरोप है.

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बिहार : लू का कहर जारी, अब तक 170 की मौत

बिहार में भीषण गर्मी और लू का कहर जारी है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक रविवार को गया, औरंगाबाद, नवादा, रोहतास, जहानाबाद, पटना और भोजपुर में इसकी वजह से 109 लोगों की मौत हो गई. इससे पहले शनिवार को भी लू की वजह से 61 लोगों की जान गई थी. हालांकि, सरकारी आंकड़ों की मानें तो इन दो दिनों में 112 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई है. वहीं, सरकार ने लोगों को लू के असर से बचाने के लिए एडवायजरी जारी की है. साथ ही, उसने प्रभावित जिलों में मरीजों के इलाज के लिए अतिरिक्त डॉक्टरों की भी तैनाती की है. हालांकि, सोमवार को डॉक्टरों की प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल की वजह से मरीजों के लिए मुसीबत बढ़ सकती है.

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विधि आयोग में अध्यक्ष का पद नौ महीने से खाली

मौजूदा कानूनों की समीक्षा और नए कानूनों की जरूरत के साथ इनकी रूपरेखा पर विचार करने वाले विधि आयोग में नौ महीने से अध्यक्ष पद खाली पड़ा है. दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक अगस्त, 2018 में न्यायाधीश बीएस चौहान के सेवानिवृत्त होने के बाद नए अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं की गई है. बताया जाता है कि राजनीतिक और सामाजिक दिशा तय करने वाले कई महत्वपूर्ण मुद्दे अभी आयोग में विचाराधीन हैं. हालांकि, अध्यक्ष नहीं होने की वजह से लोगों को इसके लिए और लंबे समय तक इंतजार करना पड़ सकता है. इन मुद्दों में समान नागरिक संहिता, विधानसभा-लोकसभा चुनाव एक साथ कराने और राजद्रोह कानून की समीक्षा शामिल हैं. न्यायाधीश बीएस चौहान की अध्यक्षता में विधि आयोग ने इन तीनों मुद्दों पर कोई अंतिम रिपोर्ट नहीं दी थी.

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