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चीन की विकास दर तीन दशक में सबसे धीमी होने सहित आज के अखबारों की पांच बड़ी खबरें

अमर उजाला | नवभारत टाइम्स | हिंदुस्तान | द ट्रिब्यून | द स्टेट्समैन

ब्यूरो | 22 जनवरी 2019 | फोटो: यूट्यूब

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मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने खुद को एम नागेश्वर राव मामले की सुनवाई से अलग किया

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई ने सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव के मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है. इससे पहले एम नागेश्वर राव को इस प्रमुख जांच एजेंसी की कमान सौंपने के केंद्र के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की गई थी. अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वे 24 जनवरी को सीबीआई निदेशक के चयन को लेकर होने वाली बैठक में शामिल होंगे. इस वजह से उन्होंने इस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया है. अब इस याचिका पर सुनवाई न्यायाधीश एके सीकरी की अध्यक्षता वाली पीठ करेगी.

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दिल्ली हाई कोर्ट ने नरसिंह यादव की शिकायत पर ढाई साल बाद भी कार्रवाई न करने पर सीबीआई को फटकार लगाई

दिल्ली हाई कोर्ट ने पहलवान नरसिंह यादव की ढाई साल से पहले की गई शिकायत की जांच पूरी न करने पर सीबीआई को फटकार लगाई है. अदालत ने जांच एजेंसी से पूछा है कि इतने वक्त में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक हाई कोर्ट ने डीआईजी स्तर के अधिकारी द्वारा इस मामले को देखे जाने का निर्देश दिया है. साथ ही, उसने इसकी रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है. इससे पहले नरसिंह यादव ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उनके भोजन में प्रतिबंधित पदार्थ मिलाए गए थे. इस वजह से उन पर डोपिंग के आरोप में चार साल का प्रतिबंध लगाया गया.

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इस साल सामान्य आरक्षण की वजह से शैक्षणिक संस्थानों में 10 फीसदी सीटें बढ़ाई जाएंगी

देश में सामान्य आरक्षण लागू होने के बाद शैक्षणिक संस्थानों में सीटों की संख्या में 25 फीसदी सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा. इसके तहत इस साल केवल 10 फीसदी सीटें बढ़ने का ही अनुमान है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, ‘सीटें बढ़ाने के लिए न केवल शिक्षकों की भर्ती करनी होती है बल्कि, नई कक्षाओं और फर्नीचर की भी जरूरत पड़ती है. ऐसे में संस्थानों को एक बार में अपनी क्षमता 25 फीसदी बढ़ाना संभव नहीं होता है. साथ ही, उन्होंने साफ किया कि केंद्रीय उच्च शैक्षणिक संस्थानों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ का वहन केंद्र सरकार करेगी. वहीं, राज्य सरकारों के अधीन आने वाले संस्थाओं की वित्तीय जिम्मेदारी राज्य सरकारों को उठाना होगी.

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चीन की विकास दर 28 सालों के न्यूनतम स्तर पर

2018 में चीन की विकास दर 6.6 फीसदी दर्ज की गई है. द ट्रिब्यून के मुताबिक यह बीते 28 साल में इसका न्यूनतम स्तर है. बताया जा रहा है कि यह आगे और भी कम हो सकती है. चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और इसमें आई तेजी या मंदी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर डालती है. यही वजह है कि इसने बाकी देशों को भी चिंता में डाल दिया है. इसकी वजह निवेश में कमी मानी जा रही है. इसके अलावा अमेरिका के साथ चीन के व्यापार युद्ध ने भी उसकी अर्थव्यवस्था को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है.

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गरीब सवर्णों को आरक्षण के खिलाफ डीएमके की याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट का केंद्र को नोटिस

आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने को लेकर मद्रास हाई कोर्ट ने केंद्र से जवाब तलब किया है. द स्टेट्समैन के मुताबिक तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके ने इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था. केंद्र के इस कदम को गैरकानूनी बताते हुए उसका कहना है कि आरक्षण का मकसद गरीबी उन्मूलन नहीं बल्कि सदियों से सताए गए समुदायों को सामाजिक न्याय देना था. उधर, सरकार ने दलील दी है कि डीएमके की विचारधारा कुछ खास समुदायों का विरोध करती है और इसलिए यह याचिका राजनीति से प्रेरित है. हालांकि अदालत ने इसे खारिज कर दिया और सरकार को 18 फरवरी तक जवाब देने को कहा.

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