रेनो काइगर

खरा-खोटा | ऑटोमोबाइल

क्या काइगर भारत में रेनो की सोती किस्मत जगा सकती है?

पिछले काफी समय से बिक्री के मामले में सुस्ती का शिकार रेनो को काइगर से काफी उम्मीदें हैं

ब्यूरो | 08 फरवरी 2021 | फोटो: www.renault.co.in

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स्पेसिफिकेशंस

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खूबियां

काइगर उस सीएमएफ ए प्लस प्लेटफॉर्म पर बनी है जो रेनो और निसान के संयुक्त उपक्रम का नतीजा है. हाल ही में लॉन्च हुई और जबर्दस्त बिक्री दर्ज कर रही निसान की मैगनाइट भी इसी प्लेटफॉर्म पर आधारित है. यही वजह है कि व्हीलबेस से लेकर ग्राउंड क्लियरेंस तक दोनों कारों में कई समानताएं हैं. लेकिन जो बातें काइगर को मैगनाइट से बेहतर बनाती हैं उनमें सबसे खास है इसका बूट स्पेस. 405 लीटर का यह बूटस्पेस न सिर्फ मैगनाइट बल्कि कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट की सभी गाड़ियों को पीछे छोड़ देता है. काइगर के कैबिन में भी 29 लीटर का स्टोरेज स्पेस है जो इस सेगमेंट की किसी भी दूसरी गाड़ी में नहीं है. यही बात इसके पीएम 2.5 एयर फिल्टर के बारे में भी कही जा सकती है. 98 हॉर्स पॉवर और 160 न्यूटन मीटर की ताकत वाला काइगर का टर्बो इंजन ड्राइविंग के शौकीनों को भी पसंद आ सकता है. राइडिंग क्वालिटी और कंफर्ट रेनो की पहचान रही है और इसलिए उम्मीद की जा रही है कि काइगर इस मोर्चे पर भी शानदार साबित होगी.

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खामियां

कई लोगों को काइगर इसलिए अच्छी नहीं लग रही कि बाहर से यह काफी हद तक रेनो की हैचबैक क्विड का ही खाया-पिया वर्जन लगती है. भीतर से भी यह कुछ-कुछ रेनो की ही एमपीवी ट्राइबर की याद दिलाती है. कई मानते हैं कि डिजाइन के मामले में कंपनी कुछ नया कर सकती थी. काइगर के इंटीरियर में इस्तेमाल हार्ड प्लास्टिक भी कइयों को अखर सकता है, हालांकि यह कॉस्ट कटिंग यानी कीमत कम रखने की रणनीति का नतीजा है. फिट और फिनिश के मोर्चे पर भी काइगर अपने प्रतिस्पर्धियों से पीछे दिखती है. कुछ समीक्षक यह भी कह रहे हैं कि इसकी आगे की सीटें तुलनात्मक रूप से थोड़ी छोटी हैं और बड़ी कदकाठी वाले किसी शख्स को इन पर बैठने में परेशानी हो सकती है. साथ ही, अपने तीन सिलेंडर वाले इंजन के चलते रेनो काइगर एनवीएच (नॉइज़, वाइब्रेशन और हार्शनेस यानी शोर, कंपन और कठोरता) के मोर्चे पर चार सिलेंडर और बेहतर बिल्ड क्वालिटी वाले अपने दूसरे प्रतिस्पर्धियों से कमतर हो सकती है. सनरूफ जैसा फीचर भी इससे गायब है जो आजकल काफी ग्राहकों को अपनी तरफ खींच रहा है. काइगर में लोडिंग लिप यानी सरल भाषा में कहें तो डिग्गी काफी गहरी है तो इसमें सामान रखना और निकालना कइयों के लिए थोड़ा दिक्कत का काम हो सकता है.

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विकल्प

सब कॉम्पेक्ट एसयूवी भारतीय कार बाजार का एक ऐसा सेगमेंट है जिसमें सबसे ज्यादा होड़ है. हर कंपनी की बिक्री का एक बड़ा हिस्सा इससे आ रहा है. तो जाहिर सी बात है कि सब इसे ज्यादा से ज्यादा दुहना चाहते हैं. जानकारों के मुताबिक इस सेगमेंट में बेहतर बिल्ड क्वालिटी चाहने वालों के लिए टाटा की नेक्सन और फोर्ड की इकोस्पोर्ट बेहतर विकल्प है. उधर, टर्बो इंजन की बात करें तो बहुत से जानकार ह्यूंदेई वेन्यू और किआ सोनेट की तरफ देखने की सलाह देते हैं. नेचुरली एसपिरेटेड इंजन के मामले में सेगमेंट लीडर मारुति सुजुकी की ब्रेजा है जिसका 1500 सीसी की क्षमता वाला पेट्रोल इंजन बाकियों से कहीं ताकतवर और बेहतर है. इन सबके अलावा रेनो काइगर को निसान की मैगनाइट से भी तगड़ी चुनौती मिलेगी. यह कार भी तमिलनाडु स्थित उसी फैक्ट्री में बन रही है जिसमें काइगर का निर्माण हो रहा है. मैगनाइट ने लॉन्च के दो महीनों में ही 35 हजार से ज्यादा बुकिंग का असाधारण आंकड़ा दर्ज किया है.

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खरा या खोटा?

रेनो काइगर की कीमत अभी घोषित होनी है और जानकारों के मुताबिक इसका प्रदर्शन काफी कुछ इसी पर निर्भर करेगा. चूंकि यह पूरी तरह से मेड इन इंडिया कार है तो माना जा रहा है कि कीमत के मोर्चे पर यह बाकी सबको पीछे छोड़ सकती है. अनुमान है कि काइगर की कीमत पांच से नौ लाख रु (एक्स शोरूम) हो सकती है. अगर ऐसा होता है तो वेन्यू या सोनेट जैसी गाड़ियों के बेस मॉडल की तरफ देख रहा एक हिस्सा इसकी तरफ मुड़ सकता है जैसा कि मैगनाइट के मामले में हुआ. इस सैगमेंट की दूसरी गाड़ियों का टर्बो इंजन वाला ऑटोमेटिक मॉडल 10 लाख रु के आसपास पड़ता है, लेकिन माना जा रहा है कि निसान मैगनाइट की तरह काइगर के लिए भी यह आंकड़ा करीब दो लाख कम हो सकता है. तो ड्राइविंग के शौकीनों का एक बड़ा वर्ग भी इसकी तरफ देख सकता है. इसके अलावा मैगनाइट की तरफ देख रहे ग्राहकों का एक वर्ग काइगर की तरफ इसलिए आ सकता है कि एक तो मैगनाइट पर छह महीने तक की वेटिंग चल रही है और दूसरा, निसान की तुलना में रेनो का सेल्स और सर्विस नेटवर्क कहीं बड़ा है. अगर ऐसा होता है तो भारत में अपनी कुल बिक्री के आंकड़े को जल्द से जल्द 10 लाख (अभी यह करीब साढ़े छह लाख है) तक पहुंचाने के रेनो के लक्ष्य को काइगर पूरा कर सकती है.

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