जावा-42

खरा-खोटा | ऑटोमोबाइल

‘जावा 42’ में ऐसा क्या है जो ‘जावा फॉर्टी टू’ में नहीं था?

'जावा 42', 'जावा फॉर्टी टू' का आधुनिक वर्जन है जो खुद जावा के क्लासिक मॉडल 'जावा' का हल्का सा आधुनिक दिखने वाला संस्करण है

ब्यूरो | 16 फरवरी 2021 | फोटो: jawamotorcycles.com

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स्पेसिफिकेशंस

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खूबियां

जावा की नई बाइक जावा 42 के बारे में बताना आसान नहीं है. जावा का यह नया मॉडल उसके 2019 में आये मॉडल जावा फॉर्टी टू (42 नहीं) का आधुनिक संस्करण है जो खुद कंपनी के जावा ही नाम वाले क्लासिक मॉडल का हल्का सा आधुनिक दिखने वाला संस्करण है. ऐसा लगता है जैसे जावा 42 की ज्यादातर समीक्षाएं यह बात ठीक से समझ या समझा नहीं पाती हैं इसलिए काफी पेंचीदा और अधूरी लगती हैं. जावा 42 के बेसिक स्पेसिफिकेशंस जैसे टायर साइज़, इंजन कैपेसिटी, व्हील बेस, सीट हाइट और बुनियादी ढांचा जावा फॉर्टी टू (या जावा) जैसे ही हैं. लेकिन इसमें जिस तरह के ऊपरी बदलाव किये गए हैं वे ऐसे हैं कि कुछ लोगों को यह बिलकुल नई बाइक लग सकती है. अपने पिछले अवतारों की तरह सीट की ऊंचाई कम होने की वजह से यह बाइक अपने सेगमेंट की दूसरी बाइक्स की तुलना में ज्यादा ‘स्टेबल’ महसूस होती है. अपने सभी पूर्वजों के उलट जावा 42 के टायर ट्यूबलेस हैं. यानी कई मौकों पर किसी सुनसान जगह पर फंसने या फिर बाइक घसीटने की समस्या से आप बच सकते हैं. नई बाइक में न सिर्फ दोनों पहियों में डिस्क ब्रेक हैं (पिछली बाइकों में रियर डिस्क ब्रेक ऑप्शनल था) बल्कि इसका सस्पेंशन सेटअप भी ऐसा है कि सड़क कितनी भी खराब हो, आपकी पीठ नहीं दुखती. जावा फॉर्टी टू से लोगों को यह शिकायत भी थी कि इसकी सीट आरामदेह नहीं है. लेकिन यह शिकायत जावा 42 में अतिरिक्त कुशनिंग के जरिये दूर कर दी गई है. करीब 300 सीसी की क्षमता वाला जावा 42 का इंजन पॉवर के मामले में पहले से ही ऐसा है कि आपको शिकायत का कोई मौका नहीं देता. कुल मिलाकर कहें तो यह हर तरह से एक व्यावहारिक बाइक है जिसे आप ऑफिस जाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं और किसी लंबी रोड ट्रिप के लिए भी.

2019 में आई जावा फॉर्टी टू

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खामियां

कई समीक्षकों का कहना है कि जावा 42 की फिट और फिनिश थोड़ी और बेहतर हो सकती थी. यानी क्वालिटी के मोर्चे पर कंपनी को अभी और काम करने की जरूरत है. कुछ का यह भी मानना है कि अपडेट के इस मौके को कंपनी एलईडी लाइटिंग, ब्लूटूथ कनेक्टिविटी और नैविगेशन असिस्ट जैसे नए फीचर्स देने के लिए इस्तेमाल कर सकती थी, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. इसके अलावा जावा 42 लुक और फील में थोड़ी छोटी है और औसत से थोड़ा बड़ी कद-काठी वाले किसी शख्स को इससे समस्या हो सकती है. कइयों को उन रियर व्यू मिरर्स से भी समस्या हो सकती है जो हैंडलबार पर बिल्कुल किनारे पर लगाए गए हैं. काफी डिमांड के चलते जावा 42 पर अभी 11 महीने तक का वेटिंग पीरियड चल रहा है और इस वजह से भी कुछ खरीदार दूसरे विकल्पों की तरफ मुड़ सकते है. अगर कीमत के बारे में कुछ बात करें तो कंपनी ने 2019 में जो बाइक – जावा फॉर्टी टू – लॉन्च की थी उसके दो मॉडल आते हैं – सिंगल चैनल एबीएस वाला मॉडल जो 1.68 लाख का है और 1.77 लाख का टॉप मॉडल जिसमें डबल चैनल एबीएस है. यानी पिछले टॉप मॉडल के मुकाबले जावा 42 की कीमत करीब सात हजार रु अधिक है और सस्ते वाले मॉडल के मुकाबले 15 हजार रुपये. यह कीमत ज्यादा नहीं है क्योंकि जावा फॉर्टी टू के महंगे मॉडल में रियर डिस्क ब्रेक ऑप्शनल है. और उसमें अलॉय व्हील जैसी कई चीजें भी नहीं हैं. लेकिन जो लोग जावा फॉर्टी टू का सस्ता वाला मॉडल खरीदने की सोच रहे थे उन्हें जावा 42 की कीमत काफी ज्यादा लग सकती है. यहां एक और ध्यान देने वाली बात है कि जावा के क्लासिक जावा मॉडल के टॉप वर्जन की कीमत जावा 42 से तीन हजार रुपये ज्यादा है और उसके स्पेसिफिकेशंस बिलकुल जावा फॉर्टी टू के टॉप वर्जन जैसे ही हैं.

जावा का क्लासिक मॉडल जावा

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विकल्प

दोपहिया गाड़ियों के इस सेगमेंट में रॉयल एनफील्ड का एकछत्र राज रहा है. जावा 42 की टक्कर इस कंपनी की क्लासिक के साथ तो है ही, हाल में आया इसका मिटिऑर मॉडल भी काफी पसंद किया जा रहा है. इसके अलावा इसी सेगमेंट में बेनेली की इंपीरियाले और होंडा की हाइनेस सीबी 350 भी हैं जो फिट, फिनिश और फीचर्स के मामले में जावा 42 के मुकाबले 21 बताई जाती हैं.

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खरा या खोटा?

मूल रूप से चेकोस्लोवाकिया से आई जावा एक आइकॉनिक बाइक है. दो साइलेंसर वाली जावा 250 का 1970 और 80 के दशक में भारत की सड़कों पर राज हुआ करता था. अब इसे महिंद्रा एंड महिंद्रा बना रही है. जानकारों के मुताबिक अगर वेटिंग पीरियड कम हो सके और कंपनी अपने ऑफ्टर सेल्स नेटवर्क का जल्दी विस्तार कर ले तो जावा का यह नया मॉडल – जावा 42 – उसके बाकी मॉडलों – जावा, जावा फॉर्टी टू, जावा पेराक – के साथ मिलकर उसका गुजरा जमाना वापस ला सकता है.

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