हमारे बारे में

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अगर वेब पर मौजूद न्यूज़ मीडिया को देखें तो इसमें मोटा–मोटी दो तरह के प्रकाशन नज़र आते हैं: एक वे जो अपनी प्रकृति में पूरी तरह से पारंपरिक हैं, बस प्रकाशित इंटरनेट पर होते हैं. और दूसरे वे जो विशेष तौर पर इंटरनेट के लिए यह सोचकर बनाए गए हैं कि यहां पर गंभीर या पारंपरिक पत्रकारिता के लिए कोई स्थान नहीं है.

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फ़ाइव पॉइंट्स गंभीर पत्रकारिता को आज के ज़माने के फ़ॉर्मैट में पाठकों के सामने रखती है. इसमें न तो हजारों शब्दों की ऐसी समाचार कथाएं हैं जिन्हें इंटरनेट पीढ़ी के ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. और न गिनकर 60 शब्दों में खबर लिखने जैसी कोई बेवकूफाना गिमिक ही है. इसमें हर समाचार, विचार, रिपोर्ट, रिव्यू आदि पांच बिंदुओं और साफ़–सुथरी भाषा में ही होगा. लेकिन ज़रूरत के हिसाब से इन बिंदुओं की शब्द संख्या को कितना ही घटाया–बढ़ाया जा सकता है.

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इंटरनेट पर एक और तरह के प्रकाशन मौजूद हैं – न्यूज़ ऐग्रीगटर. इन्हें प्रकाशनों का प्रकाशन कहा जा सकता है. ये कई समाचार प्रकाशनों की सामग्री को हमारे सामने रखते हैं. किसी लाइब्रेरी की तरह न्यूज एग्रीगेटर अपने यहां मौजूद प्रकाशनों को चुन तो सकते हैं लेकिन उनमें मौजूद सामग्री में कोई बदलाव नहीं कर सकते.

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फ़ाइव पॉइंट्स अलग तरीक़े से सिर्फ ख़ुद की समाचार सामग्री को ही आपके सामने नहीं रखेगी. यह एक उससे भी अलग तरह के न्यूज़ एग्रीगेटर का काम भी करने वाली है. इसमें दुनिया की सबसे बड़ी समाचार संस्थाओं की, सबसे महत्वपूर्ण समाचार कथाओं को भी संक्षेप और फ़ाइव पॉइंट्स वाली फ़ॉर्मैट में प्रकाशित किया जाएगा. और वेबसाइट पर मौजूद सामग्री टेक्स्ट के साथ–साथ ऑडियो और वीडियो फॉर्मैट में भी होगी.

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जैसा कि इस परिचय के तीसरे पॉइंट में लिखा है, फाइव पॉइंट्स आज के जमाने की है जरूर लेकिन इस वजह से पत्रकारिता के मूल से छेड़छाड़ की कोशिश नहीं करती है. यह सीधे और सादे तरीके से आपको, जितना हो सके उतने संक्षेप में, पूरी बात बताती है. लेकिन अभी भी इसमें सुधार की कई गुंजायशें हैं जिन्हें हम समय–समय पर दूर करने का प्रयास करते रहेंगे.

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