सोनचिड़िया में सुशांत सिंह राजपूत

खरा-खोटा | सिनेमा

पांच बातें जो ‘सोनचिड़िया’ का ट्रेलर इस फिल्म के बारे में बताता है

चंबल के डकैतों पर आधारित 'सोनचिड़िया' में मुख्य भूमिकाएं सुशांत सिंह राजपूत, भूमि पेडनेकर और मनोज बाजपेयी ने निभाई हैं

ब्यूरो | 07 जनवरी 2019

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‘सोनचिड़िया’ के ट्रेलर को पहली बार देखने पर चंबल, डकैत, इमरजेंसी और मारपीट-हिंसा के अलावा और कुछ समझ नहीं आता. इससे पता चलता है कि ट्रेलर अपनी बात पूरी तरह से नहीं कह सका है. हालांकि दूसरी बार देखने पर बागी, पुलिस, राजनीति जैसी कुछ खींचतान समझ आती है लेकिन यह सब क्यों हो रहा है और फिल्म की कहानी का केंद्र क्या होगा, इसका अंदाजा नहीं लग पाता.

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ट्रेलर में शामिल कुछ जमीनी संवाद आपके कान खड़े करते हैं. उदाहरण के लिए, गोलीबारी के एक दृश्य में मनोज बाजपेयी कहते हैं कि ‘सरकारी गोली से कोई कबहौं मरे है, मरे तो इनके वादन (सरकार के वादों) से है.’ देश की राजनीति पर किया गया यह सर्वकालिक कटाक्ष काफी वजनदार है और फिल्म के जरिए ऐसे ही कई संवादों को सुने जाने की प्यास जगा जाता है.

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साल 1994 में आई फूलन देवी की बायोपिक ‘बैंडिट क्वीन’ में मान सिंह की भूमिका निभाने वाले मनोज बाजपेयी एक बार फिर से इसी नाम के किरदार को निभा रहे हैं. उनका अभिनय वैसी ही दहशत पैदा करने की ताब रखता है, ऐसा इन झलकियों को देखकर कहा जा सकता है.

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फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे सुशांत सिंह राजपूत लुक्स और एक्सप्रेशंस से तो बीहड़ के बागी लगते हैं लेकिन उनकी संवाद-अदायगी जरा नर्म सी लगती है. वहीं भूमि पेडनेकर एक बार फिर से नॉन-ग्लैमरस अवतार में नजर आई हैं और अपने हर अंदाज में टफ लगती हैं. इसके अलावा रणवीर शौरी और आशुतोष राणा भी अपने-अपने किरदारों में आपका ध्यान खींचते हैं.

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‘इश्किया’ और ‘उड़ता पंजाब’ रचने वाले अभिषेक चौबे ने‘सोनचिड़िया’ का निर्देशन किया है जिसकी झलकियां देखते हुए लगातार इस बात का एहसास बना रहता कि कहीं कुछ कमी है. इसके बावजूद कटाक्ष भरे बढ़िया संवाद और कमाल का अभिनय फिल्म से उम्मीद लगाने की वजह बन जाते हैं. अब यह ‘सोनचिड़िया’ इन उम्मीदों पर कितने कैरेट खरी उतरेगी, इसका पता आठ फरवरी को फिल्म रिलीज के साथ ही चलेगा.

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