ओला, ऊबर

खरा-खोटा | कंपैरिज़न

इन पांच पैमानों पर ओला और ऊबर में से कौन बेहतर है?

ऐप | सर्विस | कैंसिलेशन | किराया और पेमेंट ऑप्शंस | सुरक्षा

ब्यूरो | 19 जुलाई 2019

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ऐप:

ओला का ऐप ऊबर की तुलना में ज्यादा यूजर फ्रेंडली है. इसके होम पेज पर ही आने-जाने की लोकेशंस, अलग-अलग तरह की कारों के विकल्प और उनका किराया बड़ी आसानी से देखा जा सकता है. घर या ऑफिस जैसी किसी फ्रीक्वेंट डेस्टिनेशन को भी ओला एप में बस एक क्लिक से सेव किया जा सकता है. इसके उलट ऊबर के होम पेज पर केवल डेस्टिनेशन डालने का विकल्प ही दिखाई देता है. इसे क्लिक करने के बाद अलग-अलग विकल्प चुनने के लिए अपने आप पेज खुलते हैं. ऊबर एप में फ्रीक्वेंट डेस्टिनेशन सेव करने का विकल्प भी ओला जितना आसान नहीं है. लेकिन इसकी खूबी यह है कि इस पर ड्राइवर को लोकेशन पर पहुंचाने के लिए इंस्ट्रक्शन मैसेज भेजे जा सकते हैं. साथ ही उसे फोन कॉल के साथ-साथ एप के जरिये ऊबर कॉल भी की जा सकती है. यह प्राइवेसी और सुरक्षा के लिहाज से अच्छा है. एप के जरिये कॉल करने पर ड्राइवर को आपका फोन नंबर पता नहीं चलता. इसके उलट ओला में यूजर के पास केवल ड्राइवर को कॉल करने का ही विकल्प होता है.

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सर्विस:

ऊबर की गो, एक्स-एल और प्रीमियर की तुलना में ओला माइक्रो, मिनी, प्राइम और लक्जरी कैब्स उपलब्ध करवाता है. ओला के लक्जरी सेक्शन में मर्सडीज बेंज ई-क्लास, ऑडी-6, बीएमडब्ल्यू-3 सीरीज जैसी कारें शामिल हैं. ऊबर में इस तरह की कारें मौजूद नहीं है. लेकिन उसके एक्स-एल सेक्शन में इनोवा जैसे बड़े वाहन उपलब्ध हैं. यह सुविधा ओला में नहीं है. शहर से बाहर जाने के लिए ओला आउटस्टेशन सर्विस पर तत्काल बुकिंग के साथ-साथ ट्रिप को शेड्यूल भी किया जा सकता है. इस सर्विस में राउंड ट्रिप की सुविधा भी मौजूद है. ये तीनों ही सुविधाएं ऊबर इंटरसिटी पर नहीं मिलती हैं. इसके अलावा ओला की कारों में फ्री वाई-फाई के साथ-साथ मनोरंजन के लिए ओला प्राइम प्ले सर्विस भी होती है जिसके लिए हमें कुछ अतिरिक्त पैसा देना होता है.

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कैंसिलेशन:

अगर किसी कारणवश राइड कैंसिल करनी पड़े तो ओला, ऊबर से ज्यादा सुविधाजनक है. उदाहरण के लिए ड्राइवर के मना करने पर अगर आप ‘ड्राइवर डिनाइड ड्यूटी’ का विकल्प चुनकर अपनी ओला राइड कैंसिल करते हैं तो आपको कोई चार्ज नहीं देना पड़ता है. इसी सूरत में ऊबर राइड कैंसिल करने पर पहले आपको कैंसिलेशन चार्ज भरना पड़ता है और बाद में रिफंड के लिए माथा-पच्ची करनी पड़ती है.

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किराया और पेमेंट ऑप्शन:

अगर दोनों सर्विसेज की सबसे सस्ती कैब सर्विस, ओला माइक्रो और ऊबर गो की तुलना करें तो ओला का बेस फेयर 45 रुपए और ऊबर का 52.50 रुपए है. इसके अलावा पर किलोमीटर चार्जेज भी ओला पर जहां 6 रुपए है वहीं ऊबर पर यह लगभग आठ रुपए है. इसके बावजूद ऊबर का सफर ओला से अक्सर सस्ता पड़ता है. इसकी दो वजहें हैं. पहली तो यह कि प्रति किलोमीटर लगने वाला चार्ज, जो समय के हिसाब से कम-ज्यादा होता रहता है, अक्सर ऊबर पर ओला की तुलना में कम होता है. इसके अलावा ट्रैवल टाइम पर लगने वाला चार्ज जहां ऊबर के लिए एक रुपए प्रति मिनट है वहीं ओला पर यह डेढ़ रुपए प्रति मिनट है. पेमेंट ऑप्शन की बात करें तो ये दोनों ही जगहों पर लगभग एक जैसे हैं. दोनों पर कैश, क्रेडिट-डेबिट कार्ड, गूगल पे, पेटीएम जैसे विकल्प मौजूद हैं. लेकिन ऊबर पर अक्सर सीधे क्रेडिट और डेबिट कार्ड से पेमेंट करने में परेशानी आने की शिकायतें सुनने को मिलती रहती हैं. ओला पर ओला मनी फीचर भी है जिसे रिचार्ज कर ई-वॉलेट की तरह दूसरी जगहों पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

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सुरक्षा:

ऊबर पर ड्राइवर का डिटेल्ड प्रोफाइल देखा जा सकता है. इसमें ड्राइवर के तस्वीर-वीडियो, नाम और रेटिंग के अलावा वह कितने समय से कंपनी के साथ काम कर रहा है, पुराने फीडबैक्स और अचीवमेंट्स की जानकारी भी होती है. वहीं ओला पर केवल ड्राइवर की तस्वीर, नाम और रेटिंग ही देखे जा सकते हैं. ओला के साथ अच्छा यह है कि बुकिंग के समय ओला एक ओटीपी भेजता है जिसके बगैर ड्राइवर राइड शुरू नहीं कर सकता है. जबकि ऊबर में अक्सर पहले से ही ड्राइवर द्वारा राइड शुरु करने की शिकायतें मिलती रहती हैं. इसके अलावा ओला की हर राइड पर एक रुपए का शुल्क देकर इसे इंश्योर्ड भी करवाया जा सकता है. दोनों ही ऐपों पर ड्राइवर की जानकारी और अपनी लोकेशन शेयर करने के ऑप्शंस दिये गये हैं.

ध्यान दें: सेवाओं की कीमतें 10 जून, 2019 को ओला और ऊबर की वेबसाइट से ली गई हैं. फाइव पॉइंट्स का इस रिव्यू में मौजूद किसी भी संस्था से कोई संबंध नहीं है.

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