सुपर-30 में ऋतिक रोशन

खरा-खोटा | सिनेमा

सुपर-30: सच का दावा कर झूठ का दिखावा पेश करने वाली एक महत्वाकांक्षी फिल्म

कलाकार: ऋतिक रोशन, मृणाल ठाकुर, पंकज त्रिपाठी, आदित्य श्रीवास्तव | निर्देशक: विकास बहल | लेखक: संजीव दत्ता | रेटिंग: 2/5

ब्यूरो | 12 जुलाई 2019

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सुपर-30 बिहार के मशहूर शिक्षाविद आनंद कुमार के जीवन पर आधारित है. आनंद कुमार ने साल 2002 में सुपर-30 नाम से एक कोचिंग सेंटर की शुरूआत की थी. यह सेंटर बगैर कोई फीस लिए गरीब तबके से आने वाले बच्चों को आईआईटी-जेईई के एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करवाता है. फिल्म सुपर-30 पर आएं तो इसकी पहली कमी यही है कि ये 30 को बुरी तरह नजरअंदाज कर केवल सुपर यानी आनंद कुमार की बात करती है.

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सुपर-30 आपको फ्लैशबैक में ले जाकर बताती है कि कैसे आनंद कुमार मौका मिलने के बावजूद पैसों की कमी के चलते कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में पढ़ाई नहीं कर सके थे. इसी वजह से बाद में उन्होंने एक सफल कोचिंग टीचर का करियर छोड़कर यह संस्था शुरू की. इसके साथ ही फिल्म हल्के-फुल्के ढंग से आनंद कुमार से जुड़े कई विवादों और उन पर लगने वाले आरोपों का भी जिक्र करती है.

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शिक्षा और जाति व्यवस्था जैसे बेहद संवेदनशील विषयों का जिक्र करते हुए फिल्म इनके लिए जरूरी बारीकियों को खुद में शामिल नहीं करती. वह हमेशा की तरह बॉलीवुड के परंपरागत करिश्माई नायक की छवि की ओट में ही खुद को सुरक्षित महसूस करती है. इसके अलावा सुपर 30 ‘अ ब्यूटीफुल माइंड’ और ‘होम अलोन’ जैसी मशहूर हॉलीवुड फिल्मों से सीक्वेंस उधार लेकर उनका फूहड़ भारतीयकरण भी करती है जो चिढ़न पैदा करता है.

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फिल्म में आनंद कुमार बने ऋतिक रोशन की बात करें तो उन्होंने बिहारी लहजा पकड़ने के लिए बहुत मेहनत की है. लेकिन फिर भी सुपर 30 में उनके ज्यादातर संवाद बनावटी ही लगते हैं. इसके अलावा फिल्म में उनका मेकअप भी पूरे समय खटकता है. उनका जरूरत से ज्यादा सांवला रंग उस स्टीरियोटाइप को हवा देता लगता है जिसमें माना जाता है कि गरीब और नीची जातियों के लोग हमेशा काले रंग के होते हैं.

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सुपर-30 का संगीत अजय-अतुल ने दिया है. ये गाने वैसे तो बेहद सुरीले हैं लेकिन फिल्म के लिए बिल्कुल मिसफिट लगते हैं. फिल्म की पटकथा में कमी की थोड़ी भरपाई इसके अच्छे संवाद कर देते हैं, लेकिन इसमें अच्छे कहे जा सकने वाले अभिनय की एक छोटी सी किश्त केवल मृणाल ठाकुर और पंकज त्रिपाठी से ही मिलती है. कुल मिलाकर, विकास बहल निर्देशित सुपर-30, एंटरटेन और मोटीवेट, दोनों ही नहीं कर पाती है.

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