अर्जुन पटियाला में दिलजीत दोसांझ, वरुण शर्मा और कृति सेनन

खरा-खोटा | सिनेमा

अर्जुन पटियाला: दिलजीत दोसांझ की क्यूटनेस का बेजा फायदा उठाता पकाऊ सिनेमा

कलाकार: दिलजीत दोसांझ, कृति सेनन, सीमा पाहवा, रोनित रॉय, जीशान अय्यूब | निर्देशक: रोहित जुगराज | रेटिंग: 2/5

ब्यूरो | 26 जुलाई 2019

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अर्जुन पटियाला एक पटकथा लेखक और फिल्म निर्माता की मुलाकात के दृश्य से शुरू होती है. इस दृश्य में लेखक अपनी कहानी सुनाने की जिद पकड़े बैठा है जिस पर निर्माता कहता है कि वह तीन पीढ़ियों से फिल्में बना रहा है लेकिन आज तक एक कहानी नहीं सुनी. यह फिल्म का पहला और सबसे मारक पंच है. लेकिन बुरा यह है कि जैसे क्लाइमैक्स के बाद ये लेखक और निर्माता सोते हुए नज़र आते हैं, वैसे ही दर्शक भी उबासियां लेते हुए थिएटर से निकलते दिखाई देते हैं.

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ऑनेस्ट या स्पूफ शैली में बनाई गई अर्जुन पटियाला एक ऐसा प्रयोग है जो नया, मजेदार और एंगेजिंग तो है लेकिन पूरी तरह सफल नहीं कहा जा सकता है. पटकथा सुनाने के बहाने से फिल्म में सॉन्ग सिचुएशन, एक्शन, फ्लैशबैक और क्लाइमैक्स को बोलकर बताया गया है और इसे ही फिल्म की यूएसपी मान लिया गया है. इसके उलट होना यह चाहिए था कि सबकुछ बताकर भी कुछ खास दृश्य ऐसे रचे जाते कि देजा-वू वाला रोमांच दर्शकों पर छा जाता. अगर आपने इसी फॉरमेट में बनी मार्वल की डेडपूल सीरीज की फिल्में देख रखी हैं तो अर्जुन पटियाला आपको बुरी तरह निराश करेगी.

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अर्जुन पटियाला में शीर्षक भूमिका निभा रहे दिलजीत दोसांझ फिल्म को जान देते हैं. स्क्रीन पर होना ही आपको उत्साह और मनोरंजन दोनों देता है. उनकी मासूमियत उनके किरदार के लिए एकदम फिट बैठती है और इसे लिखने में बरती गई कोताही की थोड़ी भरपाई उनके जानदार अभिनय से होती है. दोसांझ के साथ ज्यादातर वक्त वरुण शर्मा नज़र आते हैं जो अपने फुकरे वाले किरदार को ही जीते हैं. वहीं, नायिका होने के बाद भी कृति सेनन के हिस्से में गिनती के ही दृश्य आए हैं. लेकिन वे जहां भी आती हैं, दोसांझ के साथ अपनी केमिस्ट्री से खुश करती हैं. इनके अलावा फिल्म में सीमा पाहवा, रोनित रॉय, जीशान अय्यूब भी हैं और देखने लायक हैं.

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अर्जुन पटियाला की सबसे बड़ी खामी इसके किरदारों को गढ़ने में बरती गई लापरवाही है. यहां तक कि नायिका की कहानी बताने के लिए भी फिल्म बमुश्किल एक मिनट का वक्त लेती है जो खटकता है. इस फिल्म से पंजाबी फिल्म निर्देशक रोहित जुगराज ने जरिए बॉलीवुड में एंट्री की है. दिलजीत दोसांझ के साथ वे पंजाबी में बेहद पॉपुलर हॉरर कॉमेडी सीरीज ‘सरदार जी’ बना चुके हैं. लेकिन इस बार अस्त-व्यस्त सीक्वेंसिंग और गानों की बुरी टाइमिंग के चलते, वे न पुलिसिया फिल्मों वाला थ्रिल पैदा कर पाए हैं और न कॉमेडी.

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थोड़ी तारीफ करनी हो तो कहा जा सकता है कि फिल्म में कुछ संवाद बहुत कमाल के हैं लेकिन इनमें से ज्यादातर फिल्म के ट्रेलर में देखे-सुने जा चुके हैं. इसके साथ ही कई दृश्य और सीक्वेंस ऐसे हैं जो बॉलीवुड में दिखाए जाने वाले क्लीशे दृश्यों की तो जमकर खिल्ली उड़ाते हैं. लेकिन इतना सब करने के बाद भी अर्जुन पटियाला अपने आपको ऐसा ही एक क्लीशे उदाहरण बन पाने से नहीं रोक पाती है.

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