ईके पलानिसामी

विचार और रिपोर्ट | राजनीति

क्यों 23 मई तमिलनाडु सरकार के लिए बहुत बड़ा संकट लाने वाला दिन भी हो सकता है

तमिलनाडु में लोकसभा के साथ यहां की 22 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी हो रहे हैं

ब्यूरो | 18 जून 2019 | फोटो: ट्विटर-एएनआई

1

तमिलनाडु की राजनीति में 23 मई के बाद कुछ दिन-महीने बड़े अहम होने वाले हैं. क्योंकि यह शायद समय का वह दौर होगा जब राज्य की ईके पलानिसामी सरकार का भविष्य तय हो सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि तमिलनाडु में लोकसभा के साथ यहां की 22 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी हो रहे हैं. इनमें से 18 सीटें उन विधायकों की हैं जो शुरू से टीटीवी दिनाकरण के समर्थन में रहे हैं.

2

टीटीवी दिनाकरण यहां के सत्ताधारी दल- एआईएडीएमके पर कब्ज़े की कोशिश में लगे हैं. वे, दिसंबर-2016 में जयललिता के निधन के बाद से ही ख़ुद को पार्टी में मान्य बनाने की जद्दोज़हद कर रहे हैं. वे, अपने मंसूबे पूरे करने के लिए पैसों का खेल खुलकर खेलते हैं. और पैसों के बल पर ही चुनाव आयोग तथा केंद्रीय एजेंसियों के पूरा जोर लगाने के बावज़ूद जयललिता की आरके नगर सीट से निर्दलीय चुनाव जीत चुके हैं. अब वही दिनाकरण इन उपचुनावों के बाद राज्य की पलानिसामी सरकार को गिराने की स्थिति में भी पहुंच सकते हैं.

3

हालांकि अब तक मुख्यमंत्री ईके पलानिसामी और उनके सहयोगी उपमुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने नरेंद्र मोदी सरकार की मदद से दिनाकरण के मंसूबे पूरे नहीं होने दिए हैं. लेकिन चुनाव के नतीज़ों के बाद हालात बदल सकते हैं. क्योंकि तब राज्य विधानसभा में कोई सीट खाली नहीं रहेगी. उस स्थिति में 235 सदस्यों वाली विधानसभा में पलानिसामी सरकार को बहुमत के लिए 118 विधायकों की ज़रूरत होगी. जबकि अभी उनके पास विधानसभा अध्यक्ष को मिलाकर 114 विधायकों का समर्थन ही है.

4

यानी पलानिसामी और पन्नीरसेल्वम की एआईएडीएमके अगर उपचुनाव की 22 में से कम से कम आधी सीटें जीतती है तब तो उनकी सरकार बची रहेगी और तसल्ली से चलती रहेगी. नहीं तो उसकी सेहत पर दिनाकरण नाम का संकट मंडरा सकता है.

5

सिर्फ यही नहीं अगर मुख्य विपक्षी दल डीएमके भी सभी 22 सीटें जीत जाता है, तब भी सरकार पर संकट ही आने वाला है. क्योंकि तब डीएमके अपने सहयोगी दलों के साथ सरकार बनाने की स्थिति में आ सकती है. यहां यह भी याद रखा जा सकता है कि तमिलनाडु में एक ही पार्टी के पक्ष में एकतरफ़ा नतीज़े अक्सर आते रहे हैं. इसलिए इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता.

  • शाओमी रेडमी के-20 प्रो

    खरा-खोटा | मोबाइल फोन

    शाओमी रेडमी के20 प्रो: एक ऐसा स्मार्टफोन जिसकी डिजाइन और कीमत सबसे ज्यादा आकर्षित करते हैं

    ब्यूरो | 08 सितंबर 2019

    ह्वावे लोगो

    विचार और रिपोर्ट | तकनीक

    अमेरिका की नीतियों से जूझ रहे ह्वावे को क्या उसका नया ऑपरेटिंग सिस्टम राहत दे सकता है?

    ब्यूरो | 05 सितंबर 2019

    महबूबा मुफ्ती

    समाचार | बुलेटिन

    महबूबा मुफ्ती की बेटी को उनसे मिलने की इजाजत दिए जाने सहित आज के बड़े समाचार

    ब्यूरो | 05 सितंबर 2019

    भारतीय उच्चायोग

    समाचार | बुलेटिन

    कश्मीर को लेकर ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग पर पथराव होने सहित आज के बड़े समाचार

    ब्यूरो | 04 सितंबर 2019