इमरान खान

विचार और रिपोर्ट | विदेश

जम्मू-कश्मीर से धारा-370 हटने पर पाकिस्तान हद से ज्यादा बौखलाया हुआ क्यों है?

भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर से धारा-370 हटाए जाने के विरोध में पाकिस्तान ने कई बड़े फैसले लिए हैं

ब्यूरो | 14 अगस्त 2019 | इमरान खान / फेसबुक

1

भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर से धारा-370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाए जाने पर पाकिस्तान ने बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायुक्त को निष्कासित कर दिया, द्विपक्षीय व्यापार को निलंबित कर दिया और दोनों देशों के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस को भी हमेशा के लिए बंद करने का ऐलान किया. पाकिस्तान ने यह भी कहा कि वह जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाएगा और कोशिश करेगा कि विश्व समुदाय भारत पर इस निर्णय को वापस लेने का दबाव बनाए.  विदेश मामलों के जानकारों का कहना है कि अनुच्छेद-370 हटने पर पाकिस्तान का कड़ी प्रतिक्रिया देना तो स्वाभाविक था, लेकिन इतनी कड़ी प्रतिक्रिया देना समझ से परे नजर आता है.

2

हालांकि, कुछ जानकार इसकी वजहे भी बताते हैं. इनके मुताबिक बीते महीने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान जब अमेरिका से स्वदेश लौटे तो उनकी पहली प्रतिक्रिया थी, ‘ऐसा लग रहा है जैसे दोबारा विश्व कप जीतकर लौटा हूं.’ उनकी इस ख़ुशी की सबसे बड़ी वजह डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान था जिसमें उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की पेशकश की थी. इमरान खान डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान को अपनी बड़ी कूटनीतिक सफलता मान रहे थे. जब ट्रंप ने एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार फिर मध्यस्थता की बात कही तो इमरान खान को विश्वास हो गया कि वे अफगानिस्तान में अमेरिका की मदद करने के बदले उससे कश्मीर मुद्दे पर कुछ हासिल कर सकते हैं. लेकिन, महज दो हफ्ते बाद ही भारत की नरेंद्र मोदी सरकार ने ऐसा दांव चला कि इमरान खान के अरमानों पर पानी फिर गया. यही बात उन्हें सबसे ज्यादा परेशान कर रही है.

3

भारत सरकार से जुड़े कुछ सूत्र समाचार वेबसाइट मिंट को एक और बात भी बताते हैं. इनके मुताबिक मोदी सरकार द्वारा इस समय अनुच्छेद-370 हटाने के पीछे की बड़ी वजह डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी है. इन सूत्रों के मुताबिक अनुच्छेद-370 को हटाने की तैयारी तो लंबे समय से चल रही थी और यह भाजपा का चुनावी वादा भी था, लेकिन इसी समय आनन-फानन में यह फैसला लिए जाने की एक वजह अमेरिका और पाकिस्तान दोनों को संदेश देना था.

4

कुछ विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही उन्होंने भारत से बातचीत करने के लिए एड़ी-चोटी तक का जोर लगा दिया, लेकिन नरेंद्र मोदी ने उन्हें कोई तवज्जो नहीं दी. पठानकोट और उरी जैसे आतंकी हमलों के बाद से मोदी सरकार ने पाकिस्तान से साफ़ शब्दों में कह दिया था कि बातचीत तभी होगी जब आतंकवाद पर वह कड़ी कार्रवाई करेगा. जानकारों की मानें तो बातचीत के सभी प्रयासों में विफल होने के बाद अब पाकिस्तान को लगता है कि वह कश्मीर में हुए इस नए घटनाक्रम को लेकर भारत पर दबाव बना सकता है और थोड़ी बहुत राहत देने या फिर बातचीत के लिए उसे मजबूर कर सकता है. यह भी एक वजह है कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाए जाने के मुद्दे को दुनियाभर में जोर-शोर से उठाने की कोशिश कर रहा है.

5

पाकिस्तान के कुछ पत्रकार वहां के बिगड़े अंदरूनी हालात को भी इमरान खान सरकार की इतनी ज्यादा बौखलाहट की एक वजह बताते हैं. ये लोग कहते हैं कि इमरान खान जब से वहां की सत्ता में आए हैं देश की आर्थिक स्थिति बद से बदतर होती जा रही है. एक साल पहले जिस एक अमेरिकी डॉलर की कीमत सौ पाकिस्तान रुपए के बराबर थी, वह अब 157 पाकिस्तानी रुपए हो गई है. जाहिर है कि इस दौरान वहां बेतहाशा महंगाई भी बढ़ी है. जानकार कहते हैं कि ऐसे हालात में अनुच्छेद-370 के मुद्दे को जोर-शोर से उठाने के पीछे इमरान खान का मकसद वहां की जनता का ध्यान अर्थव्यवस्था और महंगाई जैसे मुद्दों से हटाना भी है.

  • इंटरनेट कम्प्यूटर सेक्योरिटी

    समाचार | इंटरनेट

    क्या आपको इंटरनेट की दुनिया में सुरक्षित रहना आता है?

    संजय दुबे | 01 अप्रैल 2020

    शाओमी रेडमी के-20 प्रो

    खरा-खोटा | मोबाइल फोन

    शाओमी रेडमी के20 प्रो: एक ऐसा स्मार्टफोन जिसकी डिजाइन और कीमत सबसे ज्यादा आकर्षित करते हैं

    ब्यूरो | 08 सितंबर 2019

    ह्वावे लोगो

    विचार और रिपोर्ट | तकनीक

    अमेरिका की नीतियों से जूझ रहे ह्वावे को क्या उसका नया ऑपरेटिंग सिस्टम राहत दे सकता है?

    ब्यूरो | 05 सितंबर 2019

    महबूबा मुफ्ती

    समाचार | बुलेटिन

    महबूबा मुफ्ती की बेटी को उनसे मिलने की इजाजत दिए जाने सहित आज के बड़े समाचार

    ब्यूरो | 05 सितंबर 2019