अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस

विचार और रिपोर्ट | विदेश

जेम्स मैटिस के इस्तीफे ने अमेरिका के सहयोगियों को क्यों परेशान कर दिया है?

अमेरिकी रक्षा मंत्री जैम्स मैटिस ने अपने इस्तीफे के साथ एक पत्र भी लिखा है जिससे साफ़ है कि उनका इस्तीफ़ा हैरान से ज्यादा परेशान करने वाला है

ब्यूरो | 26 दिसंबर 2018 | फोटो: फेसबुक/अमेरिकी रक्षा मंत्रालय

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बीते हफ्ते अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया. मैटिस को डोनाल्ड ट्रंप का बेहद करीबी माना जाता था इस वजह से उनके इस्तीफे ने सभी को हैरान कर दिया. जैम्स मैटिस ने अपने इस्तीफे के साथ एक पत्र भी लिखा है. इसमें उन्होंने जो बातें लिखीं हैं, उनसे साफ़ है कि उनका इस्तीफ़ा हैरान करने से ज्यादा चिंतित करने वाला है.

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जेम्स मैटिस ने अपने पत्र में लिखा है कि अब लगभग सभी मुद्दों पर उनके और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मतभेद हैं. ऐसे में ट्रंप को उस व्यक्ति को अमेरिका का रक्षा मंत्री बनाना चाहिए जिसकी सोच उनके जैसी हो. पत्र में आगे लिखा है कि अमेरिका को अपने यूरोपीय और अन्य सहयोगियों का ख्याल रखना चाहिए जो इस समय नहीं हो पा रहा है. मैटिस ने रूस और चीन को लेकर ट्रंप की नीतियों पर भी सवाल खड़े किए हैं.

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जानकारों के मुताबिक मैटिस का इस्तीफा कई और वजहों से भी अमेरिका के सहयोगियों को चिंता में डालने वाला है. दरअसल ट्रंप प्रशासन में वे इकलौते ऐसे व्यक्ति बचे थे जिनके सुझावों पर डोनाल्ड ट्रंप गौर किया करते थे. वे अमेरिका के सहयोगी देशों और ट्रंप प्रशासन के बीच एक पुल का काम भी किया करते थे. पेरिस जलवायु समझौता और ईरान डील से अमेरिका के अलग होने के बाद भी अगर दूसरे देश इसके खिलाफ कुछ ज्यादा नहीं कर रहे थे तो इसकी एक बड़ी वजह जेम्स मैटिस भी थे.

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मैटिस के इस्तीफे बाद यूरोपीय देश नाटो गठबंधन को लेकर भी खासे चिंतित हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान और उसके बाद भी नाटो से अलग होने की धमकियां दी थीं. लेकिन, जेम्स मैटिस ने इसमें शामिल देशों को ऐसा न होने का आश्वासन दिया था.

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जेम्स मैटिस की सबसे ज्यादा कमी अमेरिका के रक्षा विभाग को ही खलने वाली है. जानकारों की मानें तो पेंटागन अगर अब तक डोनाल्ड ट्रंप के ऊटपटांग फैसलों की छाया से बचा रहा तो इसकी सबसे बड़ी वजह मैटिस ही थे.

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