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ज्ञानकारी | चुनाव

पांच बातें जिन्हें लोकसभा चुनावों में हिस्सा ले रहे मतदाताओं को जानना जरूरी है

अगर 01 जनवरी, 2019 को कोई भारतीय नागरिक 18 साल का हो चुका है तो वह आने वाले लोकसभा चुनावों में मतदान कर सकता है

ब्यूरो | 07 अप्रैल 2019 | फोटो: फ्लिकर

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वोटर की जानकारी

वोट डालने के लिए मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है. आमतौर पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) हर साल अपने क्षेत्र के मतदाताओं की लिस्ट अपडेट करते रहते हैं और नए मतदाताओं को उनका पहचान पत्र उपलब्ध करवा देते हैं. किसी संशय की स्थिति में मतदाता चुनाव आयोग द्वारा उपलब्ध करवाए गए इस लिंक पर जाकर यह जांच सकता है कि वोटर लिस्ट में उसका नाम है या नहीं.

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ऑनलाइन वोटर रजिस्ट्रेशन

वोटर लिस्ट में नाम ना होने की सूरत में नागरिक, नेशनल वोटर्स सर्विस पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. इसके लिए उन्हें फार्म-6 भरना होता है. किसी भी मतदाता पंजीकरण अधिकारी के पास जाकर यह फॉर्म ऑफलाइन भी भरा जा सकता है. वे मतदाता जो किसी दूसरी जगह पर आकर बस गए हैं और अपना चुनाव क्षेत्र बदलवाना चाहते हैं, उनके लिए भी फॉर्म-6 भरना जरूरी है. इसके साथ एक पासपोर्ट साइज की तस्वीर, एड्रेस प्रूफ (बैंक की पासबुक, राशन कार्ड वगैरह) और उम्र के प्रमाण के लिए कोई दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाणपत्र या बोर्ड एक्साम की मार्कशीट, जैसे दस्तावेजों की फोटोकॉपी देना जरूरी है.

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मतदान केंद्र बदलवाने के लिए

अगर एक ही चुनाव क्षेत्र में रहते हुए अपना मतदान केंद्र बदलवाना चाहता है तो उसे फॉर्म-8ए भरने की जरूरत होगी. वहीं अगर कोई मतदाता सूची में खुद से जुड़ी कोई जानकारी जैसे नाम, पता, फोटो, जन्मतिथि, लिंग जैसी कोई जानकारी बदलवाना चाहता है तो उसे फॉर्म-8 भरना चाहिए. इसके साथ भी फोटो और एड्रेस प्रूफ के दस्तावेज देना जरूरी होगा. फॉर्म-6 की तरह इन्हें भी ऑनलाइन या ऑफलाइन भरा जा सकता है और मतदाता पंजीकरण कार्यालय खुद जाकर या डाक से जमा करवाया जा सकता है. ऑनलाइन आवेदन करने की सूरत में रिफरेंस आईडी के साथ अपनी एप्लीकेशन का स्टेटस भी पता किया जा सकता है.

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वोटर आईडी कार्ड खोने पर

वोटर आईडी खो जाने पर दूसरे आईडी कार्ड के लिए मतदाता सेवा पोर्टल पर जाकर फॉर्म-001 भरा जा सकता है. लेकिन नया वोटर आईडी मिलने में कई बार तीन से पांच हफ्तों का समय भी लग जाता है. इसलिए अगर वोटर का नाम वोटर लिस्ट में है तो वह पासपोर्ट, बैंक पासबुक, आधार, केंद्र-राज्य सरकार अथवा किसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा जारी किया पहचान पत्र, मनरेगा कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पेंशन कार्ड जैसे किसी दस्तावेज की मदद से भी अपना वोट डाल सकता है.

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डेडलाइन्स और संपर्क

वोटर लिस्ट अपडेट करने का काम नामांकन दर्ज करने की आखिरी तारीख तक चलता रहता है. यह तारीख आमतौर पर चुनाव से तीन हफ्ते पहले की होती है. वहीं, लिस्ट से नाम हटाने या आपत्ति जताने के लिए आवेदन (फॉर्म-7) चुनाव के आखिरी दिन तक दिए जा सकते हैं. इसके अलावा वोटर 1950 पर कॉल करके भी मतदान से जुड़ी ले सकते हैं. यह नंबर डायल करते हुए उन्हें अपने एरिया का एसटीडी कोड भी लगाना होगा.

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