राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी

ज्ञानकारी | वर्षांत

2018 के पांच सबसे बड़े झूठ

क्या पक्ष क्या विपक्ष, झूठ बोलने में कोई पीछे नहीं रहा

ब्यूरो | 29 दिसंबर 2018 | फोटो: यूट्यूब

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बीते चार साल में 35 एयरपोर्ट बने : नरेंद्र मोदी

बीते सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के पहले एयरपोर्ट का उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के बाद बीते 67 सालों में 65 एयरपोर्ट बने यानी औसतन एक एयरपोर्ट हर साल. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना था कि उनकी सरकार ने पिछले चार सालों में 35 एयरपोर्ट बनाए यानी हर साल औसतन नौ. लेकिन यह झूठ है. सच यह है कि बीते चार साल में सिर्फ सात एयरपोर्ट बने हैं. यानी यह औसत हर साल करीब दो का है.

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आधार और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के चलते हर साल 90 हजार करोड़ की बचत हुई है : अरुण जेटली

दो नवंबर 2018 को एक बयान में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि आधार और प्रत्यक्ष हस्तांतरण योजना के चलते सरकार को हर साल 90 हजार करोड़ रु की बचत हुई है. उनका कहना था, ’90 हजार करोड़ हर साल का मतलब है कि आयुष्मान भारत जैसी चार योजनाएं लागू हो सकती हैं.’ लेकिन अरुण जेटली का यह दावा झूठ है. सरकार के ही आंकड़े बताते हैं कि 90 हजार करोड़ रु मार्च 2018 तक हुई कुल बचत है. हर साल की नहीं. अपने एक लेख में आईआईएम अहमदाबाद की अर्थशास्त्री रितिका खेड़ा कहती हैं कि सरकार की बात जांच में सही साबित नहीं होती. उनके मुताबिक जिसे वह बचत कह रही है वह अक्सर उस पैसे को देने से इनकार का नतीजा है जो लोगों का कानूनी हक है.

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हमारी सरकार ने किसानों को 80 हजार करोड़ रु दिए हैं : योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह दावा 19 फरवरी 2018 को एक टीवी इंटरव्यू में किया था. वे अपनी सरकार के बीते 10 महीनों की उपलब्धियां गिना रहे थे. इसी दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस अवधि के दौरान उनकी सरकार ने 80 हजार करोड़ रु प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के जरिये किसानों को दिए हैं. लेकिन जांच करने पर यह दावा भी झूठ निकला. सरकार द्वारा ही बनाया गया डीबीटी डैशबोर्ड 21 फरवरी 2018 को बता रहा था कि 2017-18 में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के जरिये 14 हजार 540 करोड़ रु दिए.

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बेरोजगारी, बलात्कार और किसानों की आत्महत्या में मध्य प्रदेश नंबर वन है : राहुल गांधी

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने यह बात 27 सितंबर 2018 को चित्रकूट में कही. लेकिन यह भी एक बड़ी हद तक झूठ है. मध्य प्रदेश में बलात्कार का आंकड़ा भले ही भारत में सबसे ज्यादा हो, लेकिन महिलाओं की प्रति एक लाख आबादी पर बलात्कार के मामलों के लिहाज से देखें तो राज्य पांचवें स्थान पर है. उधर, 2015-16 के आंकड़े बताते हैं कि मध्य प्रदेश में बेरोजगारी की दर 4.3 फीसदी थी जो पांच फीसदी के राष्ट्रीय औसत से कम है. 23 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की स्थिति उससे बुरी है. किसान आत्महत्याओं की बात करें तो 2016 में मध्य प्रदेश में इस तरह के 1321 मामले दर्ज किए गए. इस मामले में वह तीसरे स्थान पर है.

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‘मुसलमानों की आबादी इसी तरह बढ़ती रही तो जल्द ही देश पाकिस्तान बन जाएगा’

भाजपा के कई नेता इस तरह की बात कहते रहते हैं. 2018 में भी उसके दो निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने यह बात कही जिनमें एक केंद्रीय मंत्री भी हैं. सवाल उठता है कि क्या वाकई ऐसा है. आंकड़े बताते हैं कि मुस्लिम समुदाय में एक महिला की प्रजनन दर औसतन तीन है. हिंदू समुदाय की महिला के लिए यह आंकड़ा दो है. लेकिन इन आंकड़ों में भी गिरावट आ रही है और मुस्लिम समुदाय की आबादी में बढ़ोतरी की दर 20 साल के सबसे नीचे स्तर पर पहुंच गई है. इस तरह से देखें तो 2050 तक भारत में मुसलमानों की आबादी 18.4 फीसदी होगी जो 2011 की जनगणना के मुताबिक 14.4 फीसदी होगी.

(फैक्टचेकर.इन की इस रिपोर्ट पर आधारित)

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