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एनईएफटी ट्रांजैक्शन से जुड़ी पांच बातें जो आपको जाननी चाहिए

नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर या एनईएफटी एक ऐसा बैंकिंग पेमेंट सिस्टम है जिसके जरिए देश भर में लेन-देन किया जा सकता है

ब्यूरो | 23 अप्रैल 2019 | फोटो: पिक्साबे

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कोई भी व्यक्ति जिसका किसी बैंक में खाता हो और उसकी बैंक शाखा एनईएफटी करने के लिए सक्षम हो, इसके जरिए लेन-देन कर सकता है. यह ट्रांजैक्शन घर बैठे नेट बैंकिंग के जरिए या बैंक जाकर किया जा सकता है. एनईएफटी का इस्तेमाल कर जहां अधिकतम दस लाख रुपए तक ट्रांसफर किये जा सकते है, वहीं इसके लिए किसी न्यूनतम राशि की कोई सीमा नहीं है. बैंक अकाउंट न होने की सूरत में भी कोई व्यक्ति बैंक जाकर पैसे भेज सकता है लेकिन इसके लिए अधिकतम राशि की सीमा 50,000 रुपए है.

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एनईएफटी किसी भी (पहले और तीसरे शनिवार सहित) वर्किंग डे में सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक किया जा सकता है. यह सिस्टम आधे-आधे घंटे के बैच में काम करता है. सुबह 8 से शाम 7 बजे के बीच ऐसा 23 बार होता है, जब बीते आधे घंटे में दिए गए निर्देशों के अनुसार पैसे ट्रांसफर किए जाते हैं. आमतौर साढ़े पांच बजे तक किए गए सैटलमेंट में उसी दिन सामने वाले को पैसे मिल जाने की पूरी संभावना होती है. आखिरी सैटलमेंट जो शाम साढ़े छह से सात बजे के बीच होता है, उसमें उसी दिन या अगली दिन सुबह पैसे ट्रांसफर होते हैं.

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एनईएफटी के जरिए पैसे भेजने वाले को अपने अकाउंट नंबर के अलावा, पाने वाले यानी बेनेफिशरी का नाम, बैंक अकाउंट नंबर, ब्रांच का आईएफएससी कोड जैसी जानकारियां देनी होती हैं. इसके साथ ही भेजने और पाने वाले का मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी की जानकारी भी देनी होती है. बैंक जाकर ट्रांजैक्शन की सूरत में भी भेजने वाले को बैंक को अपना पूरा पता और कॉन्टैक्ट नंबर देना जरूरी होता है. यह जानकारी ग्राहक तक ट्रांजैक्शन से जुड़ी सूचना पहुंचाने के लिए ली जाती है.

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अगर भेजने वाले और पाने वाले का खाता एक ही बैंक में है तो एनईएफटी के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लगता है. दूसरे बैंकों में राशि भेजने के लिए तमाम सरकारी और निजी बैंक एनईएफटी के हर ट्रांजैक्शन पर सेवा शुल्क लेते हैं. दस हजार तक के लिए ट्रांजैक्शन के यह शुल्क ढाई रुपए है. इसके बाद दस हजार एक से लेकर एक लाख तक के लिए 5 रुपए, एक लाख से दो लाख रुपए तक के लिए 15 रुपए और दो लाख रुपए से ऊपर का अमाउंट भेजने पर 25 रुपए देने होते हैं.

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अगर किसी वजह से बेनेफिशरी का बैंक उसके अकाउंट में पैसा क्रेडिट नहीं कर पाता है तो यह पैसा, भेजने वाले के पास वापस आ जाता है. इसमें लगभग दो घंटे का समय लगता है, जो एनईएफटी किए गए बैच टाइम के अनुसार तय होता है. यानी अगर किसी ने ढाई से तीन बजे वाले बैच में एनईएफटी किया है तो उसे पांच बजे तक पता चल सकेगा कि पैसे बेनेफिशरी को मिले हैं या उसे वापस आ गए हैं. ऐसा न होने की सूरत में ग्राहक बैंक के कस्टमर केयर को फोन कर शिकायत दर्ज करवा सकता है. इसके बाद भी अगर बैंक द्वारा समस्या का समाधान ना किया जाए तो वह रिजर्व बैंक की नेशनल क्लीयरिंग सेल से संपर्क कर सकता है.

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