डॉक्टर

ज्ञानकारी | स्वास्थ्य

एक अच्छा डॉक्टर कौन होता है?

जुगाड़ों तथा बाजार की प्रतिस्पर्धा में, मरीजों की तरफ से आंखें मूंदकर ‘बड़ा डॉक्टर’ बनने के लिए भागने वालों से अलग 'अच्छे डॉक्टर' ही भरोसे के लायक होते हैं

ब्यूरो | 03 जुलाई 2019 | फोटो: पिक्साबे

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स्वास्थ्य से जुड़े लगभग हर लेख में सलाह दी जाती है कि आप फलानी तकलीफ के लिए ‘अच्छे डॉक्टर’ की सलाह लें. लेकिन अच्छे डॉक्टर की पहचान है क्या? एक अच्छे डॉक्टर की सबसे बड़ी पहचान उसका सहजता से उपलब्ध होना है. कोई डॉक्टर आपसे तीन-चार घंटे तक इंतजार कराये, आपको समय देकर खुद ही गायब हो जाए. हर माह कॉन्फ्रेंस आदि के बहाने शहर से बाहर ही रहे – ऐसे डॉक्टर पर कभी निर्भर न रहें. जो आपसे, चाहे चार दिन बाद आने को कहे पर उस दिन मिल भी जाए ऐसा डॉक्टर अच्छा है.

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अच्छे डॉक्टर की दूसरी पहचान है कि क्या उसके पास आपकी व्यथा सुनने का पर्याप्त समय और मन है? आज के युग में जब हर तकलीफ के लिए ‘बैटरी ऑफ टेस्ट’ आ गए हैं, कहीं वह आपकी पूरी बात सुने बिना ही दस तरह के टेस्ट तो लिखने नहीं बैठ जाता? टेस्ट की भी अपनी अहमियत है पर अगर डॉक्टर मरीज की ठीक से सुने तो उसे अमूमन बीमारी की दिशा समझ आ ही जाती है.

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एक ‘अच्छा डॉक्टर’ सबसे पहले एक अच्छा इंसान भी होगा. उसे इसके लिये अलग से कोई कोशिश नहीं करनी पड़ती. बस, आप उसे ठीक से देखें और समझने का प्रयास करें कि वह आपकी पीड़ा को महसूस कर पाता है या नहीं? वह आपकी आर्थिक तथा पारिवारिक परेशानियों के साथ सामंजस्य बिठाकर इलाज करने की कोशिश करता है या नहीं? वह धैर्य का प्रदर्शन करता है या बात-बात पर उखड़ जाता है? खासतौर पर, बच्चों, औरतों और वयोवृद्ध मरीजों से वह कैसा बर्ताव करता है?

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एक अच्छा डॉक्टर एक अच्छा विद्यार्थी और अच्छा गुरु भी होता है? विज्ञान आज बेहद तेजी से बढ़ रहा है. एक बार डिग्री हासिल करके अगर कोई डॉक्टर पढ़ना छोड़ दे तो अगले चंद वर्षों में वह बस एक ‘क्वालीफाइड’ नीम-हकीम बनकर रह जाएगा. एक अच्छा डॉक्टर निरंतर नई किताबों, जर्नल्स आदि को एक अच्छे विद्यार्थी की तरह पढ़ता और उनसे सीखता रहता है. वही डॉक्टर अच्छा है जो आपसे यह कह सके कि आप दो दिन बाद आएं, तब तक मैं आपकी बीमारी का और अध्ययन करके, फिर आप से फाइनल बात करूंगा. वह डॉक्टर खतरनाक है जो मानता है कि उसे अब सबकुछ आता है.

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एक अच्छा डॉक्टर अपने जूनियर स्टॉफ को एक अच्छे गुरु की भांति सिखाता-पढ़ाता भी रहता है. वह जानता है कि वह अकेले मरीज को ठीक नहीं कर सकता – मरीज का ठीक होना सीनियर डॉक्टर, जूनियर डॉक्टर, नर्स, कंपाउंडर से लेकर सफाई कर्मचारी तक पर निर्भर होता है. इसीलिए एक अच्छा डॉक्टर अपनी टीम का गुरु भी होता है.

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