ज्ञानकारी | तकनीक

लगभग हर वेबसाइट पर मौजूद रहने वाले डार्क पैटर्न्स के बारे में आप क्या जानते हैं?

अगर आप डार्क पैटर्न्स को अच्छी तरह से देखना-समझना चाहते हैं तो अपने फेसबुक या एमेजॉन अकाउंट को डिलीट करने की कोशिश करके देख सकते हैं

ब्यूरो | 19 अक्टूबर 2021

1

इंटरनेट का इस्तेमाल करते हुए, लगभग हर यूजर ने अक्सर यह अनुभव किया होगा कि उनके लिए किसी वेबसाइट को लॉगइन या सब्स्क्राइब करना बहुत आसान होता है, लेकिन इसका उल्टा करते हुए दांतों में पसीना आ जाता है. ऐसा वेबसाइट की एक खास तरह की डिजाइन के चलते होता है जिसे यूएक्स (यूजर एक्सपीरियंस) डिजाइन कहा जाता है. यूएक्स डिजाइन, यूजर के व्यवहार को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं. इनका एक उद्देश्य तो यह होता है कि यूज़र को वेबसाइट का इस्तेमाल करने में आसानी हो. लेकिन कई बार इनका इस्तेमाल सिर्फ उन विकल्पों की तरफ यूजर का ध्यान खींचने के लिए किया जाता है जो वेबसाइट या सर्विस प्रोवाइडर के लिए अधिक फायदेमंद हों. इन्हें डार्क पैटर्न्स कहा जाता है.

2

डार्क पैटर्न्स वेबसाइट डिजाइनिंग के वे हिस्से होते हैं जो जान-बूझकर यूजर को भ्रमित करने, धोखा देने या जबरन उसे कोई ऐसा विकल्प चुनने पर मजबूर करते हैं, जिन्हें चुनने का उसका कोई इरादा ना हो. यूजर को इसकी कीमत अपनी प्राइवेसी गंवाने या अनचाहे भुगतान के रूप में भी देनी पड़ सकती है. डार्क पैटर्न्स कई तरह की वेबसाइटों पर पाए जा सकते हैं. ये भ्रमित करने वाले लेबल्स के रूप में दिखाई देते हैं, ये उन विकल्पों के तौर पर दिख सकते हैं जिनसे वापसी करना या फैसला बदलना मुश्किल हो, या फिर ये ग्राफिकल एलिमेंट्स जैसे कि अलग रंग या शेडिंग (हल्के या गहरे रंग) में भी हो सकते हैं, ताकि कुछ खास विकल्पों पर यूजर का ध्यान जाए या फिर ना जाए.

3

खास तौर पर सब्सक्रिप्शन्स ऑफ़र करने करने वाली वेबसाइटों में डार्क पैटर्न्स का होना एक बहुत कॉमन बात है. इस तरह के डार्क पैटर्न्स यूजर्स के लिए किसी सर्विस को अनसब्सक्राइब करना बेहद मुश्किल बनाते हैं या फिर अपने आप फ्री-ट्रायल को पेड सब्सक्रिप्शन में बदल सकते हैं. अन्सबस्क्राइब करने की प्रक्रिया में गैरज़रूरी स्टेप्स जोड़ना या उसके बजाय अन्य किसी विकल्प पर पहुंचा देना ऐसा करने के सबसे प्रचलित तरीकों में शामिल है. किसी सेवा को अन्सब्सक्राइब ना कर पाना लोगों को खास तौर पर आर्थिक नुकसान पहुंचाता है क्योंकि यह उन्हें अनचाहे ही पैसे खर्च करने पर मजबूर करता है.

4

कुछ मौकों पर डार्क पैटर्न्स मेंटल मैनीप्युलेशन का रूप ले सकते हैं जैसे कि जब एक वेबसाइट किसी ऑफर के साथ काउंटडाउन क्लॉक लगा देती है कि ताकि कस्टमर तेजी से खरीदारी का फैसला करे. डार्क पैटर्न्स आपकी प्राइवेसी के साथ भी खिलवाड़ करने का काम कर सकते हैं. उदाहरण के तौर पर एक एप, प्राइवेसी सेटिंग तक पहुंचना मुश्किल बनाकर आपको जबरन आपका डेटा देने पर मजबूर कर सकता है. डार्क पैटर्न्स कई बार खास तरह के शब्दों के इस्तेमाल में भी देखने को मिल सकते हैं. उदाहरण के लिए, सोशल मीडिया कंपनियां यूज़र्स की ट्रैकिंग या टारगेटिंग के लिए एक्टिविटी या पर्सनलाइजेशन जैसे शब्दों का इस्तेमाल करती हैं.

5

यूजर और ऑर्गनाइजेशन में तुलना करें तो निश्चित रूप से यूजर के पास कम शक्तियां होती हैं, ऐसे में उसका हमेशा अपने आपको इस तरह के डिजाइन पैटर्न्स से बचाए रख पाना लगभग नामुमकिन है. तकनीक के जानकारों के मुताबिक इसके लिए सही नियम बनाए जाने या डार्क पैटर्न्स के इस्तेमाल पर रोक लगाए जाने की ज़रूरत है. अंत में अगर आप डार्क पैटर्न्स को अपनी आँखों से सबसे अच्छे तरीक़े से देखना चाहते हैं तो अपने फेसबुक या एमेजॉन अकाउंट को डिलीट करने की कोशिश करके देख सकते हैं.

  • रियलमी नार्ज़ो 30 5जी मोबाइल फोन

    खरा-खोटा | मोबाइल फोन

    रियलमी नार्ज़ो 30 (5जी): मनोरंजन के लिए मुफीद एक मोबाइल फोन जो जेब पर भी वजन नहीं डालता है

    ब्यूरो | 03 जुलाई 2021

    ह्यूंदेई एल्कजार

    खरा-खोटा | ऑटोमोबाइल

    क्या एल्कजार भारत में ह्यूंदेई को वह कामयाबी दे पाएगी जिसका इंतजार उसे ढाई दशक से है?

    ब्यूरो | 19 जून 2021

    वाट्सएप

    ज्ञानकारी | सोशल मीडिया

    ‘ट्रेसेबिलिटी’ क्या है और इससे वाट्सएप यूजर्स पर क्या फर्क पड़ेगा?

    ब्यूरो | 03 जून 2021

    कोविड 19 की वजह से मरने वाले लोगों की चिताएं

    आंकड़न | कोरोना वायरस

    भारत में अब तक कोरोना वायरस की वजह से कितने लोगों की मृत्यु हुई होगी?

    ब्यूरो | 27 मई 2021