ब्रेकडांस

ज्ञानकारी | खेल

जिस ब्रेकडांसिंग को कला माना जाता है वह ओलंपिक का एक खेल कैसे बन गई?

2024 का पेरिस ओलंपिक इस लिहाज से ऐतिहासिक होगा कि पहली बार इस आयोजन में ब्रेकडासिंग के मुकाबले भी होंगे

ब्यूरो | 14 दिसंबर 2020 | फोटो: यूट्यूब स्क्रीनशॉट

1

ओलंपिक में ब्रेकडासिंग का प्रवेश कैसे हुआ?

2016 में यह विचार पहली बार सामने आया था. तब वर्ल्ड डांस स्पोर्ट फेडरेशन (डब्ल्यूडीएसएफ) ने कहा था कि ब्रेकडांसिंग यूथ ओलंपिक खेलों के लिए पूरी तरह से मुफीद है. इसके बाद इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी ने भी पाया कि यह रचनात्मक, ऊर्जा से भरी हुई और युवाओं में लोकप्रिय विधा है. ब्रेकडांसिंग को जब 2018 के यूथ ओलंपिक खेलों में शामिल किया गया तो ब्यूनस आयर्स में इसके मुकाबले देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी थी. ओलंपिक चैनल और सोशल मीडिया पर भी इसे शानदार समर्थन मिला. तभी कहा जाने लगा था कि ब्रेकडांसिंग का अगला पड़ाव 2024 के पेरिस ओलंपिक गेम्स हो सकते हैं. इसी महीने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने सर्फिंग, स्केटबोर्डिंग और स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग के साथ-साथ ब्रेकडांसिंग को भी ओलंपिक खेलों में शामिल कर लिया है.

2

पेरिस ओलंपिक में ब्रेकडासिंग का खेल कैसे होगा?

ब्रेकडांसर्स को प्रचलित भाषा में ब्रेकर्स या बी बॉइज़ और बी गर्ल्स कहा जाता है. मुकाबलों का लोकप्रिय स्वरूप यह है कि संगीत की एक धुन पर दो ब्रेकडांसर्स अपने-अपने करतब दिखाते हैं जिनके आधार पर विजेता का फैसला होता है. पेरिस में 32 ब्रेकर्स (16 पुरुष वर्ग में और 16 महिला वर्ग में) आपस में टकराएंगे. ये मुकाबले हिप हॉप फ्री स्टाइल शैली में होंगे जिन्हें ‘बैटल्स’ कहा जाता है. दो दिन तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में पहले दिन प्राइमरी मुकाबले होंगे और दूसरे दिन फाइनल. हर मुकाबले में तीन राउंड होंगे.

3

ब्रेकडासिंग को कला की एक विधा कहा जाता रहा है. यह खेल के खांचे में कैसे फिट होती है?

ब्रेकडांसिंग को लेकर परंपरागत छवि बैगी पेंट और कैप पहनकर मस्ती करते युवाओं की रही है. लेकिन कई लोग मानते हैं कि इस विधा में वे तमाम गुण हैं जिनके चलते इसे खेल के खांचे में रखा जा सकता है. जैसा कि वर्ल्ड डांस स्पोर्ट फेडरेशन के वरिष्ठ सलाहकार ज्यां लोरां बुर्कन कहते हैं, ‘ब्रेकिंग (ब्रेकडांसिंग का प्रचलित नाम) के किसी भी प्रदर्शन में एथलेटिक्स का एक पहलू हमेशा रहता है.’ वे आगे जोड़ते हैं कि इस विधा में हाथों और पैरों के बल पर जो करतब किए जाते हैं उनमें ऊंचे दर्जे के समन्वय, ताकत और धैर्य की जरूरत होती है. दूसरे जानकारों के मुताबिक पेशेवर मुकाबलों में हिस्सा लेने वाले ब्रेकडांसर्स बहुत ही स्वस्थ जीवनशैली का पालन करते हैं और खान-पान से लेकर व्यायाम तक सभी जरूरी चीजों का बहुत ध्यान रखते हैं. साथ ही, वे अपनी तकनीक को आदर्श स्थिति में पहुंचाने के लिए हर रोज़ घंटों मेहनत करते हैं.

4

क्या ब्रेकडांसिंग के मुकाबलों में अंकों का फैसला जिमनास्टिक्स की तर्ज पर होगा?

नहीं. ब्रेकडांसिंग में अंकों को लेकर जिमनास्टिक जैसी स्पष्ट नियमबद्धता नहीं है. यानी इसमें किसी खास मूव पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखकर उन्हें अंक नहीं दिए जाते. ब्रेकडांसिंग के खेल में अंकों के तकनीक, विविधता और रचनात्मकता सहित छह पैमाने हैं. ज्यां लोरां बुर्कन कहते हैं, ‘दो खिलाड़ियों के मुकाबले में एक का प्रदर्शन विशुद्ध तकनीक के मामले में बेहतर हो सकता है तो दूसरा संगीतबद्धता या किसी और मामले में इक्कीस ठहर सकता है. इसलिए हमने ट्रिवियम जजिंग सिस्टम बनाया है. इसमें फैसला समग्रता के आधार पर होता है.’

5

अभी ब्रेकडांसिंग में प्रतिस्पर्धाएं कैसे होती हैं?

वर्ल्ड डांस स्पोर्ट फेडरेशन ब्रेकडांसिंग के आधिकारिक आयोजन करवाती रहती है. हालांकि उसके अलावा भी इसके कई लोकप्रिय आयोजन होते हैं. रेड बुल बीसी वन, आउटब्रेक यूरोप और सिल्वरब्रेक ओपन जैसे ये आयोजन इसकी लोकप्रियता के व्यापक दायरे को दिखाते हैं. बीते सितंबर में वर्ल्ड अर्बन गेम्स के लिए क्वालीफाई करने वाले 32 ब्रेकर्स 21 अलग-अलग देशों से आए थे. इसी तरह यूथ ओलंपिक गेम्स में हिस्सा लेने वाले 24 डांसर्स 18 देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. 2019 में वर्ल्ड डांस स्पोर्ट फेडरेशन ने जो विश्व ब्रेकिंग चैंपियनशिप आयोजित की थी उसमें भारत सहित 66 देशों ने हिस्सा लिया था.

(द इंडियन एक्सप्रेस के इस लेख पर आधारित)

  • न्यायपालिका

    विचार-रिपोर्ट | उत्तर प्रदेश

    क्यों इलाहाबाद हाईकोर्ट के ये फैसले उत्तर प्रदेश में एनएसए के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल उठाते हैं

    ब्यूरो | 08 अप्रैल 2021

    अगर विकल्प मिले तो कोवीशील्ड और कोवैक्सिन में से किसे चुनना ज्यादा सही होगा?

    खरा-खोटा | कंपैरिज़न

    अगर विकल्प मिले तो कोवीशील्ड और कोवैक्सिन में से किसे चुनना ज्यादा सही होगा?

    अंजलि मिश्रा | 08 अप्रैल 2021

    सेना को सेहत का घूंट देने वाले मिलिट्री फार्म्स को बंद क्यों कर दिया गया है?

    ज्ञानकारी | सेना

    सेना को सेहत का घूंट देने वाले मिलिट्री फार्म्स को बंद क्यों कर दिया गया है?

    ब्यूरो | 03 अप्रैल 2021

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

    विचार-रिपोर्ट | राजनीति

    क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश दौरे का सबसे बड़ा मकसद पश्चिम बंगाल का चुनाव है?

    ब्यूरो | 27 मार्च 2021