नर्स टिफनी डॉवर

तथ्याग्रह | कोरोना वायरस

क्या कोविड-19 की वैक्सीन लगने के बाद बेहोश हुई नर्स की सच में मौत हो गई है?

सोशल मीडिया पर वायरल एक खबर में दावा किया जा रहा है कि कोविड-19 की एक वैक्सीन ने अमेरिका के एक अस्पताल की नर्स टिफनी डॉवर की जान ले ली है

ब्यूरो | 25 दिसंबर 2020 | फोटो: यूट्यूब स्क्रीनशॉट

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कोविड-19 की वैक्सीन आ चुकी है. दुनिया भर में इसका इस्तेमाल भी शुरू हो चुका है. इस बीच इसे लेकर आशंकाएं पैदा करती एक खबर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. इसमें कहा गया है कि अमेरिका में मशहूर कंपनी फाइजर की वैक्सीन लगाए जाते ही जिस नर्स को चक्कर आ गए थे उसकी मौत हो चुकी है. बताया जा रहा है कि वैक्सीन लगने के 10 घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया. फेसबुक और ट्विटर के अलावा यह खबर कई वेबसाइटों पर भी चल रही है.

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आम तौर पर किसी वैक्सीन को विकसित होने में कई साल लगते हैं. लेकिन कोविड-19 से उपजे हालात की भयावहता के चलते बीते एक साल से ही दुनिया भर में इसे जल्द से जल्द विकसित करने के प्रयास हो रहे थे. फाइजर की जिस वैक्सीन की बात हो रही है उसे नियामकों ने हालात को देखते हुए आपात आधार पर मंजूरी दी है. यही वजह है कि नर्स की मौत की खबर वायरल होने के बाद कई लोग इसकी सुरक्षा को लेकर आशंकित हैं. कई इसके पीछे किसी साजिश का आरोप भी लगा रहे हैं.

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जिस नर्स की बात हो रही है वह अमेरिका के टेनेसी प्रांत की है. टिफनी डॉवर नाम की इस नर्स को यहां के एक अस्पताल में वैक्सीन लगाई गई थी. इसके बाद टिफनी मीडिया को अपने इस अनुभव के बारे में बता रही थीं कि अचानक उन्हें चक्कर आ गए और वे गिर पड़ीं. यह 17 दिसंबर की बात है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था और लोगों ने इस पर काफी टिप्पणियां की थीं. इसके बाद ज्यादातर लोग जानना चाहते थे कि टिफनी का क्या हुआ.

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लोगों की आशंका इस बात से भी बढ़ रही थी कि आम तौर पर सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाली टिफनी डॉवर इस घटना के बाद कई दिनों के लिए फेसबुक और इंस्टाग्राम से गायब हो गई थीं. हालांकि अब पता चला है कि वे वैक्सीन के किसी दुष्प्रभाव के चलते बेहोश नहीं हुई थीं. असल में उन्हें स्वास्थ्य संबंधी एक परेशानी है जिसके चलते कई बार उन्हें जरा सा भी दर्द होने पर चक्कर आ जाते हैं. उनके अस्पताल ने भी इस बारे में स्पष्टीकरण दिया है. खुद टिफनी ने भी मीडिया से यह बात कही है. इसके अलावा यह भी संभावना जताई जा रही है कि जल्दबाजी में कई लोगों ने इस खबर को भी गलत समझ लिया. टिफनी से जुड़ी अंग्रेजी की खबर में ‘पास्ड आउट’ यानी बेहोश होने की बात कही गई थी, लेकिन लोगों ने इसे ‘पास्ड अवे’ यानी गुजर जाना समझ लिया.

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साफ है कि टिफनी डॉवर के मरने की खबर झूठी है. यही नहीं, वे सामान्य दिनों की तरह ही अस्पताल में अपना काम कर रही हैं. टिफनी ने उनके लिए प्रार्थनाएं करने वाले लोगों का आभार जताया है. साथ ही उन्होंने लोगों से उनकी निजता का सम्मान करने का अनुरोध भी किया है.

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