जबरिया जोड़ी में सिद्धार्थ मल्होत्रा और परिणीति चोपड़ा

मनोरंजन | सिनेमा

जबरिया जोड़ी: मनोरंजन के बगैर इतनी लंबी फिल्म दिखाना भी जबरदस्ती है!

कलाकार: सिद्धार्थ मल्होत्रा, परिणीति चोपड़ा, अपारशक्ति खुराना, जावेद जाफरी, संजय मिश्रा | निर्देशक: प्रशांत सिंह | रेटिंग: 2/5

ब्यूरो | 09 अगस्त 2019

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जबरिया जोड़ी बिहार के कुछ इलाकों में प्रचलित पकड़ौआ विवाह पर आधारित है. इसका नायक अभय सिंह दूल्हों को अगवा कर उनकी शादी ऐसे परिवारों में करवाता है जो दहेज नहीं दे सकते हैं. यह नायक तब भी कंसेंट को ताक पर रखकर ही आगे बढ़ता है जब उसे प्यार हो जाता है.

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जबरिया जोड़ी का फिल्मांकन उत्तर प्रदेश में किया गया है जबकि कथानक के मुताबिक यह फिल्म पटना शहर के किसी इलाके की है. ऐसे में फिल्म एक मशहूर भोजपुरी गाने की तर्ज वाले जिला हिलेला की मदद से खुद को बिहारी बनाने की कोशिश तो करती है लेकिन माहौल पूरी तरह से जम नहीं पाता है. फिर फिल्म कुछ रूमानियत से भरे पंजाबी गानों और एक भांगड़ा सॉन्ग को खुद में शामिल कर लेती है और सब गड्ड-मड्ड हो जाता है.

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अभिनय पर आएं तो फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा ज्यादातर वक्त दांत फाड़कर, मसखरा बाहुबली दिखने की कोशिश करते हैं. हालांकि उनका समझदारी से भरा चॉकलेटी चेहरा न तो डर पैदा कर पाता है और न ही हंसी. फिर भी लिखाई में अधपके रह गए इस किरदार को वे अपने अर्बन अंदाज के साथ जो भी दे सकते थे, देते हैं.

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वहीं, परिणीति चोपड़ा बबली बनकर जब बबली हरकतें करती हैं तब तो दृश्यों में जान डाल देती हैं, लेकिन जब वे गंभीर या दुखी दिखने की कोशिश करती हैं तो मुंह चिढ़ाती हुई सी लगती हैं. इनके अलावा फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में जावेद जाफरी, अपारशक्ति खुराना, संजय मिश्रा और शीबा चड्ढा भी हैं और इनका भी फिल्म कोई तुक वाला इस्तेमाल नहीं कर पाती है.

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फिल्म के बाकी पहलुओं पर गौर करें तो इसका संगीत अच्छा तो है लेकिन पटकथा के हिसाब से फिट नहीं बैठ पाता हैं. ऐसे ही फिल्म के कुछ संवाद तो मजेदार हैं लेकिन कमजोर लिखाई की भरपाई नहीं कर पाते हैं. इसके बाद मनोरंजन की रही-सही गुंजाइश प्रशांत सिंह का कच्चा निर्देशन खत्म कर देता है. इसलिए जबरिया जोड़ी को देखने तभी जाएं जब कोई जबरन ले जा रहा हो.

  • मोहन भागवत

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