दे दे प्यार दे में अजय देवगन और रकुलप्रीत सिंह

मनोरंजन | सिनेमा

दे दे प्यार दे: प्रेमियों में एज गैप की बात करती एक रंगीन रॉम-कॉम जिसमें वजन की कमी अखरती है

कलाकार: अजय देवगन, तब्बू, रकुल प्रीत सिंह, आलोक नाथ | निर्देशक: आकिव अली | लेखक: लव रंजन | रेटिंग: 2/5

ब्यूरो | 17 जून 2019

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दे दे प्यार दे की पहली अच्छी बात ये है कि इसमें 50 साल के एक अभिनेता को उसी की उम्र का किरदार निभाने को दिया गया है. बॉलीवुड में ऐसा कम ही देखने को मिलता है इसलिए इसकी तारीफ होनी चाहिए. फिल्म में अजय देवगन द्वारा निभाया गया ये किरदार अपने से आधी उम्र की लड़की से प्यार कर बैठता है. लंदन में चल रही ये रंग-बिरंगी रॉम-कॉम, लव ट्राएंगल का रूप तब ले लेती है जब नायक अपनी गर्लफ्रेंड को अपने परिवार से मिलाने भारत लाता है.

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फिल्म में प्रेमियों के बीच बड़े एज-गैप की बात तो लगातार होती है लेकिन इससे कोई वजनदार और खूबसूरत बात निकल सके ऐसा नहीं हो पाता. ऐसे में ये बस एक ठीक-ठाक कॉमेडी फिल्म रह जाती है जिसमें कहानी की मात्रा बस इतनी ही है कि एक 40 मिनट की अच्छी शॉर्ट फिल्म बनाई जा सके.

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फिल्म की पटकथा प्यार का पंचनामा और सोनू के टीटू की स्वीटी बनाने वाले फिल्मकार लव रंजन ने लिखी है. उनकी पिछली फिल्मों पर मिसॉजनी यानी महिलाओं के प्रति दुर्भावना के आरोप लगते रहे हैं. लेकिन दे दे प्यार दे में उनकी दोनों नायिकाएं तेज तो हैं लेकिन मतलबी नहीं है.

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अभिनय की बात करें तो दे दे प्यार दे में बस तब्बू और अजय देवगन के हिस्से ही कुछ अच्छे दृश्य आए हैं. इनके अलावा आलोक नाथ से लेकर रकुल प्रीत सिंह तक लगभग सभी ने इसमें सिर्फ काम भर का ही काम किया है. हालांकि अपने छोटे से कैमियो रोल में जिमी शेरगिल ने कुछ ऐसा किया है कि उन्हें और कॉमिक किरदारों में देखने की इच्छा होती है.

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बॉलीवुड के वेटरन फिल्म एडिटर आकिव अली ने दे दे प्यार दे से बतौर निर्देशक डेब्यू किया है. आयरनी ही है कि उनकी इस फिल्म की एडिटिंग ही आपको सबसे ज्यादा अखरती है. इसके अलावा फिल्म के पहले हिस्से का क्लीशे से भरा होना भी बुरा लगता है. यह ढेर सारी फ्लर्टिंग, दोमानी संवादों और म्यूजिक के सहारे आपसे 134 मिनट की दूरी तय करवाती है. इसलिए इसे देखना-न देखना आपकी मर्जी पर.

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