केन विलियम्सन

आंकड़न | खेल

क्या केन विलियम्सन टेस्ट शतकों के मामले में विराट कोहली को पीछे छोड़ सकते हैं?

उम्र में विराट कोहली से दो साल छोटे न्यूजीलैंड के केन विलियम्सन टेस्ट क्रिकेट में उनसे महज तीन शतक ही पीछे हैं

ब्यूरो | 07 जनवरी 2021 | फोटो : आईसीसी/फेसबुक

1

अभी तक का रिकॉर्ड

इस हफ्ते न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में खेले गए टेस्ट मैच में मेजबान टीम ने पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी. इस मैच में न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन ने दोहरा शतक जमाया. इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट में उनके शतकों की संख्या 24 हो गयी है. केन विलियम्सन जितनी तेज़ी से शतक लगा रहे हैं, उसे देखते हुए कई लोगों का यह मानना है कि वे जल्द ही शतकों के मामले में भारतीय कप्तान विराट कोहली को पीछे छोड़ देंगे. इन दोनों खिलाड़ियों के रिकॉर्ड को देखें तो जहां विलियम्सन ने अब तक 83 टेस्ट मैचों में 24 शतक लगाए हैं, वहीं कोहली के 87 टेस्ट में 27 शतक हैं. अर्धशतकों के मामले में भारतीय कप्तान का आंकड़ा 23 तो कीवी कप्तान का आंकड़ा 32 है.

2

हालिया प्रदर्शन किसका बेहतर रहा

क्रिकेट के इन दोनों महान खिलाड़ियों का टेस्ट प्रारूप में कुल बल्लेबाजी औसत लगभग बराबर ही है. केन विलियम्सन का औसत 53 तो विराट कोहली का 53.41 है. लेकिन अगर इन दोनों के बीते तीन साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो न्यूजीलैंड के कप्तान का प्रदर्शन भारतीय कप्तान से बेहतर नजर आता है. एक जनवरी 2018 से अब तक विलियम्सन ने 20 टेस्ट मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 67.89 के औसत के साथ सात शतक लगाए हैं. इतने ही समय में विराट कोहली ने 24 टेस्ट मैच खेले हैं और 52.56 के औसत से उन्होंने भी सात शतक ही जमाये हैं.

3

विलियम्सन की राह में सबसे बड़ा रोड़ा

केन विलियम्सन की उम्र 30 साल है जबकि विराट कोहली की 32 साल, इस वजह से भी कई लोग शतकों के मामले में विलियम्सन के कोहली से आगे निकलने की बात कहते हैं. लेकिन न्यूजीलैंड का भारत की तुलना में कम टेस्ट मैच खेलना, विलियम्सन की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है. आंकड़ों को देखें तो एक जनवरी, 2015 के बाद से यानी पिछले छह सालों में, कीवी कप्तान ने 45 और भारतीय कप्तान ने 55 टेस्ट मैच खेले हैं. इसके अलावा भारतीय टीम अक्सर घर में चार या पांच टेस्ट मैचों वाली सीरीज ज्यादा खेलती है. वहीं न्यूजीलैंड अपनी धरती पर अधिकतर दो या तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेलता है. हाल ही में न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ जिस टेस्ट सीरीज की मेजबानी की है, वह भी दो मैचों की ही थी.

4

कम टेस्ट मैचों की मेजबानी क्यों?

जानकारों की मानें तो फंड की कमी के चलते न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड अपनी सरजमीं पर ज्यादा टेस्ट मैच आयोजित नहीं करवा पाता है. फंड की कमी होने के दो कारण हैं – पहला, यहां के लोग वनडे और टी20 क्रिकेट की तुलना में टेस्ट क्रिकेट को न के बराबर ही तवज्जो देते हैं. दूसरा और सबसे बड़ा कारण न्यूजीलैंड का टाइम जोन है, जो भारतीय उपमहाद्वीप में स्थित देशों के टाइम जोन से तकरीबन साढ़े सात घंटे और इंग्लैंड के टाइम जोन से 13 घंटे आगे है. यानी जब न्यूजीलैंड में टेस्ट मैच खेला जा रहा होता है तब भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और इंग्लैंड में अधिकांश लोग सो रहे होते हैं. टाइम जोन में बड़े अंतर के चलते इन देशों में टीवी दर्शकों की संख्या काफी कम हो जाती है. इस वजह से न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड को टीवी प्रसारण के अधिकार बेहद कम कीमत पर बेचने को मजबूर होना पड़ता है.

5

एक साल तक कोहली को कोई खतरा नहीं

बीते बुधवार को क्राइस्टचर्च में न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के बीच खत्म हुआ टेस्ट मैच इस सीरीज का दूसरा और आखिरी मैच था. इसके बाद अब कम से कम अगले दस महीनों तक न्यूजीलैंड की टीम को कोई भी टेस्ट मैच नहीं खेलना है. यानी शतकों के मामले में केन विलियम्सन को करीब अगले एक साल तक विराट कोहली के नजदीक पहुंचने का मौका नहीं मिल पायेगा. उधर, भारतीय कप्तान के पास यह मौका होगा कि वे किवी कप्तान से शतकों का अंतर और बड़ा कर लें. जिन अगले दस महीनों में विलियम्सन कोई टेस्ट मैच नहीं खेल पाएंगे, उनमें कप्तान कोहली नौ टेस्ट मैच खेल सकते हैं. इनमें से चार मैच भारतीय सरजमीं पर और पांच इंग्लैंड में प्रस्तावित हैं.

  • न्यायपालिका

    विचार-रिपोर्ट | उत्तर प्रदेश

    क्यों इलाहाबाद हाईकोर्ट के ये फैसले उत्तर प्रदेश में एनएसए के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल उठाते हैं

    ब्यूरो | 08 अप्रैल 2021

    अगर विकल्प मिले तो कोवीशील्ड और कोवैक्सिन में से किसे चुनना ज्यादा सही होगा?

    खरा-खोटा | कंपैरिज़न

    अगर विकल्प मिले तो कोवीशील्ड और कोवैक्सिन में से किसे चुनना ज्यादा सही होगा?

    अंजलि मिश्रा | 08 अप्रैल 2021

    सेना को सेहत का घूंट देने वाले मिलिट्री फार्म्स को बंद क्यों कर दिया गया है?

    ज्ञानकारी | सेना

    सेना को सेहत का घूंट देने वाले मिलिट्री फार्म्स को बंद क्यों कर दिया गया है?

    ब्यूरो | 03 अप्रैल 2021

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

    विचार-रिपोर्ट | राजनीति

    क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश दौरे का सबसे बड़ा मकसद पश्चिम बंगाल का चुनाव है?

    ब्यूरो | 27 मार्च 2021